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Gautam Buddha Nagar (UP) : गौतमबुद्ध नगर में उत्तर प्रदेश STF ने एक ऐसे संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया है जो कूटरचित दस्तावेज बनाकर विभिन्न बैंकों से 100 करोड़ रुपये से अधिक का होम और पर्सनल लोन ले रहा था। STF ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना रामकुमार सहित नितिन जैन, मौ. वसी, शमशाद आलम, इन्द्रकुमार कर्माकर, अनुज यादव, ताहिर हुसैन, अशोक उर्फ दीपक और नीति जैन उर्फ रिकी को सूरजपुर थाना क्षेत्र से पकड़ा।
HDFC बैंक की शिकायत से खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब HDFC बैंक के एक अधिकारी ने संदिग्ध लोन फाइलों की जानकारी STF को दी। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी आधार कार्ड, बैंक खाते, वेतन स्लिप और नियुक्ति पत्र तैयार करता था। इन्हीं कागजों के आधार पर फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती थीं और बैंक कर्मचारियों की मदद से करोड़ों का लोन स्वीकृत करवाया जाता था।
सरगना पहले बैंक में नौकरी कर चुका था
पूछताछ में सरगना रामकुमार ने बताया कि वह पहले HDFC और Axis बैंक में लोन एक्जीक्यूटिव था। उसने TSA Software Services Limited और TripTacky Private Limited नाम की कंपनियां रजिस्टर कर रखी थीं। इनमें फर्जी लोगों को निदेशक दिखाया जाता था, उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और हर महीने सैलरी भेजकर प्रोफाइल को असली जैसा बनाया जाता था।
गल्फ देशों में काम करने वालों की पहचान का दुरुपयोग
गैंग के कुछ सदस्य बिहार समेत कई राज्यों में बिचौलियों की मदद से गल्फ देशों में काम करने वाले लोगों की पहचान हासिल करते थे। इन्हीं नामों पर संपत्तियां खरीदी जाती थीं और भारी भरकम लोन उठाए जाते थे। दिल्ली की एक प्रॉपर्टी के नाम पर ही 4.8 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।
20 से ज्यादा फर्जी फर्मों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में पता चला कि गिरोह 20 से अधिक नकली कंपनियां चला रहा था। इन फर्मों के माध्यम से पैसों को कई खातों में घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी। एसटीएफ के मुताबिक इस रैकेट का नेटवर्क यूपी, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड और नोएडा तक फैला था। बिल्डरों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
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