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Begusarai : जिस पड़ोसी पर भरोसा कर एक कामकाजी महिला बाइक पर बैठी थी, वही उसे सीधे हैवानियत के दलदल में धकेल देगा, इसका गुमान तक उसे नहीं था। सुबह की ताजी हवा में अपनी रोजी-रोटी के लिए निकली स्वयं सहायता समूह की एक महिला को बातों के जाल में फंसाकर होटल के कमरे में ले जाया गया, फिर गर्दन पर चमकते चाकू की नोक पर उसकी आबरू तार-तार कर दी गई। दरिंदगी की हद तो तब पार हुई, जब चीख-पुकार के बीच मोबाइल का कैमरा ऑन हुआ और फिर कुछ ही घंटों में उस महिला की बेबसी को वॉट्सऐप ग्रुपों में तमाशा बना दिया गया।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला 27 सितंबर की सुबह साढ़े सात बजे अपने घर से निकली थी। काम था समूह की महिलाओं से लोन की किस्तों की वसूली करना। हाथ में डायरी और मन में दिनभर का हिसाब, लेकिन रास्ते में एक ऐसी साजिश तैयार बैठी थी जिसका खुलासा होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पहचान वाले चेहरे ने दिया धोखा, सिनेमा हॉल के पास जाल में फंसी पीड़िता
सड़क पर आगे बढ़ते ही महिला को उसका पड़ोसी विक्रम सहनी मिला। पड़ोसी होने के नाते महिला को उस पर कोई शक नहीं हुआ। विक्रम ने चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझाया और लिफ्ट देने के बहाने महिला को अपनी बाइक पर बैठा लिया। बाइक कुछ ही मिनटों में अलका सिनेमा के पास जाकर रुकी, जहां विक्रम का साथी रोहित कुमार पहले से ताक में खड़ा था। दोनों ने महिला से कहा कि कुछ जरूरी बातचीत करनी है। बातचीत के इसी बहाने वे महिला को सीधे पास के ‘ब्लू डायमंड’ होटल के भीतर ले गए।
बंद कमरा, हाथ में चमकता चाकू और दरिंदगी का खौफनाक मंजर
होटल के कमरे में दाखिल होते ही दोनों का असली चेहरा सामने आ गया। अंदर पहुंचते ही खट से कुंडी बंद कर दी गई। महिला कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उसकी गर्दन पर चाकू सटा दिया गया। चीखने पर जान से मारने की सीधी धमकी दी गई। इसके बाद उस बंद कमरे में महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। हैवानियत यहीं नहीं थमी। आरोपियों ने महिला को ब्लैकमेल करने की नीयत से मोबाइल निकाला और पूरी घटना का आपत्तिजनक वीडियो भी शूट कर लिया। पीड़िता गिड़गिड़ाती रही, हाथ जोड़ती रही, लेकिन दरिंदों को जरा भी तरस नहीं आया।
इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने का झटका, पुलिस महकमे में खलबली
वारदात के बाद किसी तरह जान बचाकर पीड़िता बदहवास हालत में अपने घर पहुंची। उसने रोते-बिलखते परिजनों को इस बर्बरता के बारे में बताया। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि आरोपियों ने अपनी अगली घटिया चाल चल दी। आरोपियों ने महिला को बदनाम करने के लिए उस गंदे वीडियो को सोशल मीडिया और अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुपों में फैला दिया। पानी सिर से ऊपर जा चुका था। आखिरकार 28 सितंबर की देर शाम पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ सीधे नगर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
होटल का कमरा सील, आरोपियों की तलाश तेज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नगर थाना पुलिस ने कांड दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने होटल ब्लू डायमंड पहुंचकर वारदात वाले कमरे को सुरक्षित कर दिया है और साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है। महिला पुलिस अधिकारी की निगरानी में पीड़िता का मेडिकल सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। विक्रम सहनी और रोहित कुमार की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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