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Noida/Patna : ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट इन दिनों दुनिया भर की विशालकाय मशीनों, क्रेन और भारी-भरकम निर्माण उपकरणों की गूंज से गुलजार है। बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 के आठवें संस्करण में जहां देश और विदेश की दिग्गज कंपनियां भविष्य की तकनीक का मुजाहिरा कर रही हैं, वहीं इस बार के मेले का सबसे बड़ा आकर्षण कुछ और ही है। यहां हॉल नंबर 10 के बूथ Q35 पर लगा बिहार पवेलियन अचानक देशी-विदेशी निवेशकों की चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है। इस अंतरराष्ट्रीय मेले में बिहार किसी साधारण प्रतिभागी की तरह नहीं, बल्कि आधिकारिक स्टेट पार्टनर की हैसियत से उतरा है।


निवेशकों को लुभा रही नई नीतियां और तैयार बुनियादी ढांचा
पवेलियन के भीतर का माहौल किसी आधुनिक कॉरपोरेट दफ्तर जैसा नजर आता है, जहां राज्य के आला अधिकारी सीधे उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ मेज पर बैठकर बातचीत कर रहे हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 है। अधिकारी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को समझा रहे हैं कि आज का बिहार पहले से कितना बदल चुका है और राज्य सरकार अब सिर्फ कागजी दावों पर नहीं, बल्कि जमीन पर तुरंत काम शुरू कराने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए चिन्हित औद्योगिक भूखंडों के तत्काल आवंटन की आसान प्रक्रिया, सुदृढ़ एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तक सीधी पहुंच और लॉजिस्टिक्स हब के तेजी से हो रहे विकास ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। इसके अलावा विनिर्माण इकाइयों के लिए वित्तीय छूट, बिजली दरों में राहत और पूंजी निवेश पर मिल रही विशेष सब्सिडी की बदौलत कारोबारी माहौल और भी अनुकूल नजर आ रहा है।
मजबूत सप्लाई चेन और रोजगार के नए अवसरों पर नजर
इस प्रदर्शनी के जरिए बिहार का मुख्य ध्यान भारी इंजीनियरिंग, निर्माण उपकरण, ऑटो कंपोनेंट्स और जनरल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को अपने यहां आकर्षित करने पर है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के भीतर ही एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम बने, जहां कल-पुर्जों के निर्माण से लेकर तैयार मशीनरी तक की पूरी सप्लाई चेन स्थानीय स्तर पर आसानी से काम कर सके। उद्योग समूहों के साथ चल रही इन लगातार बैठकों का सीधा असर आने वाले समय में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य पर दिख सकता है। दुनिया की प्रमुख कंपनियों को सीधे पार्टनरशिप का प्रस्ताव देकर राज्य सरकार न केवल भारी पूंजी निवेश आकर्षित करना चाहती है, बल्कि बड़े कारखानों की स्थापना के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए और हुनरमंद रोजगार के रास्ते खोलने की तैयारी में जुटी है।
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