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Patna : बिहार के शहरों में अब घर या व्यावसायिक इमारत बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी होने जा रहा है। सरकार जल्द ही नया बिहार भवन उपविधि 2026 लागू करने की तैयारी में है। राजधानी पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक हाईलेवल बैठक हुई, जिसमें इस नए नियम के ड्राफ्ट की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नए नियमों को इतना सीधा और आसान बनाया जाए ताकि आम लोगों को नगर निगम या दफ्तरों के बेवजह चक्कर न काटने पड़ें। उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शहर के विकास से जुड़े तमाम हितधारकों के सुझावों को इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे यह नियम पूरी तरह जनहितैषी बन सके।
मंजूरी की रफ्तार तेज होगी, आम जनता को मिलेगी राहत
नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बैठक में बताया कि नए कानून का मुख्य मकसद भवन निर्माण से जुड़ी कागजी प्रक्रियाओं को बेहद सरल और समयबद्ध बनाना है। अब नक्शा पास कराने से लेकर जरूरी मंजूरियां लेने तक का काम तेजी से निपटेगा। इससे न केवल शहरों का बेतरतीब फैलाव रुकेगा, बल्कि आधुनिक और सुनियोजित तरीके से कॉलोनियों का विकास हो सकेगा। सरकार की कोशिश है कि फाइलों के अटकने की समस्या पूरी तरह खत्म हो और लोगों को तय समयसीमा के भीतर अपने घर या प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति मिल सके।
शहरी विकास को नई गति, रोजगार और निवेश बढ़ने की उम्मीद
इस नए उपविधि को राज्य के बदलते शहरी स्वरूप और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित बिहार के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए यह कदम बेहद अहम है। नए और पारदर्शी नियमों के लागू होने से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ेगा। निर्माण कार्यों में तेजी आने से सीधे तौर पर स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे। इस अहम बैठक में कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के के पाठक, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे और पटना नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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