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Patna : बिहार के नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर अब सरकार सख्ती करने जा रही है। कॉलेजों में तय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच अब अधिकारियों की टीम मौके पर जाकर करेगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने नर्सिंग कॉलेजों के भौतिक निरीक्षण के लिए जिला स्तर पर कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं से लेकर शिक्षकों की उपलब्धता और पढ़ाई की व्यवस्था तक को देखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में नर्सिंग शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान BNRC Portal, नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और नर्सिंग वर्कफोर्स से जुड़े सुधारों की भी समीक्षा की गई।
कॉलेज में जाकर देखेंगे शिक्षक हैं या नहीं, पढ़ाई समय पर हो रही है या नहीं
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नर्सिंग कॉलेजों में सिर्फ कागजों पर मानकों का पालन दिखना पर्याप्त नहीं है। कॉलेज में वास्तव में क्या व्यवस्था है, यह भी देखा जाना जरूरी है। इसी के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाकर Physical Inspection कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में कक्षाओं की स्थिति, भवन और दूसरी जरूरी सुविधाएं, शिक्षकों की संख्या, अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के लिए जरूरी संसाधनों की जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कॉलेज में नर्सिंग का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा रहा है या नहीं। छात्रों का Internal Assessment नियमित रूप से हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होगी। मंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति पर भी जोर दिया। उनका निर्देश है कि छात्रों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कॉलेजों में पर्याप्त और योग्य शिक्षक उपलब्ध रहें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।
मानक पूरे नहीं मिले तो कमियां दूर करने का मिलेगा समय
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि नर्सिंग कॉलेजों के लिए तय मानकों का पालन हर संस्थान को करना होगा। निरीक्षण में अगर किसी कॉलेज में कमी पाई जाती है तो उसे कमियां दूर करने के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा। अधिकारियों को सभी नर्सिंग कॉलेजों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है। निरीक्षण का उद्देश्य सिर्फ कमियां निकालना नहीं होगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि संस्थान अपनी कमियों को समय पर दूर कर रहे हैं या नहीं। इससे मान्यता और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में भी स्थिति साफ होगी। कॉलेजों की निगरानी के लिए CCTV लगाने का भी निर्देश दिया गया है। कक्षाओं में लगाए जाने वाले CCTV की Live Feed का लिंक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए कॉलेजों में चलने वाली कक्षाओं पर नजर रखी जा सकेगी। अधिकारियों को यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं चल रही हैं या नहीं।
मान्यता के लंबित मामलों पर भी तेजी, निरीक्षण के लिए तय होगी समय-सीमा
बैठक में नये पोर्टल पर प्राप्त LOP से जुड़े आवेदनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही मान्यता के लिए पहले ऑफलाइन मिले आवेदनों की स्थिति भी देखी गई। बैठक में ऐसे संस्थानों का मुद्दा भी उठा, जो मान्यता की प्रक्रिया में निरीक्षण कराने के लिए अनुरोध नहीं कर रहे हैं। मंत्री ने ऐसे मामलों में भी निश्चित समय-सीमा तय कर निरीक्षण कराने को कहा है। यानी किसी संस्थान के निरीक्षण का अनुरोध नहीं करने से प्रक्रिया अनिश्चित समय तक लंबित नहीं रहेगी। निरीक्षण को निष्पक्ष रखने के लिए Randomized Inspection Committees के जरिए भौतिक जांच कराने पर भी जोर दिया गया। इससे निरीक्षण के लिए टीम का चयन तय तरीके से होगा और संस्थानों की वास्तविक स्थिति का मौके पर आकलन किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण मिले, इसके लिए मानकों का पालन कराने के साथ नियमित निगरानी भी जरूरी है। बैठक में नर्सिंग क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही, निगरानी व्यवस्था और बेहतर मानव संसाधन तैयार करने से जुड़े सुधारों की भी समीक्षा की गई।
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