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Patna : बिहार में बाढ़ के कहर से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य की बड़ी नदियों के जलस्तर और डिस्चार्ज में कमी दर्ज की जा रही है, जिससे पानी का फैलाव थमने की उम्मीद बंधी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार कोसी, सोन और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का बहाव या तो घटने लगा है या स्थिर हो चुका है। हालांकि राहत के इन संकेतों के बावजूद जमीन पर संकट अभी टला नहीं है। गंगा, बागमती, बूढ़ी गंडक और पुनपुन नदियां अब भी कई इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सुलतानगंज में तो गंगा ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है और 2021 के उच्चतम स्तर से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, हालांकि राहत यह है कि वहां भी पानी फिलहाल ठहरा हुआ है।

14 जिलों की 36 लाख आबादी पानी से घिरी
सूबे के 14 जिलों में बाढ़ का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 82 प्रखंडों की 491 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग 35 लाख 89 हजार लोग इस आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं। हालात को काबू में रखने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अलग-अलग जिलों में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को मोर्चा संभालने के लिए उतारा गया है। जलमग्न गांवों में लोगों की आवाजाही के लिए 1,876 नावें दिन-रात चलाई जा रही हैं।

शिविरों में बच्चों को दूध और महिलाओं को बांटी जा रही सैनिटरी किट
बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचाने के लिए राहत कार्यों की रफ्तार तेज कर दी गई है। राज्य भर में 456 कम्युनिटी किचन शुरू किए गए हैं, जिनके जरिए अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को दोनों वक्त का गर्म खाना खिलाया जा चुका है। 14 बड़े राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 12 हजार से अधिक बेघर लोगों के ठहरने, खाने और इलाज का इंतजाम है। इन शिविरों में बच्चों के पोषण के लिए नियमित दूध और महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन बांटे जा रहे हैं। बीमार लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मेडिकल कैंप के अलावा बोट एंबुलेंस भी चलाई जा रही हैं। खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवारों को 1 लाख 20 हजार से ज्यादा तिरपाल और करीब 23 हजार सूखे राशन के पैकेट दिए गए हैं। साथ ही मवेशियों को बचाने के लिए 4,650 क्विंटल से ज्यादा सूखा चारा भी वितरित किया गया है।

सितंबर में 31 फीसदी ज्यादा बारिश, अगले दो दिन फिर अलर्ट
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल मानसून के दौरान एक जून से आठ सितंबर तक बिहार में कुल 601.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य बारिश से 27 प्रतिशत कम है। इसके उलट चालू सितंबर महीने में हालात बिल्कुल बदल गए हैं और अब तक सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक पानी बरस चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सभी तटबंधों और निचले इलाकों पर निगरानी और कड़ी कर दी है ताकि जलस्तर में दोबारा उछाल आने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें।

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