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Patna/Godda : बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर अवैध हथियार बनाने वाले एक बड़े गिरोह पर करारा प्रहार किया है। पुलिस टीमों ने झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा और बिहार के पटना जिले के बाढ़ इलाके में एक के बाद एक छापेमारी की। इस दौरान घरों के भीतर छिपाई गई दो अवैध मिनीगन फैक्ट्रियों को पकड़ा गया है। दोनों ही ठिकानों से देसी और अधबने हथियार, जिंदा गोलियां, भारी मशीनें और हथियार गढ़ने का कच्चा माल बरामद हुआ है। पुलिस ने इन दोनों कार्रवाइयों में कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें मुख्य कारीगर और सप्लायर शामिल हैं।
गोड्डा के घर में चल रहा था कारखाना, मुंगेर के कारीगरों से जुड़े तार
गोड्डा के महागामा थाना क्षेत्र स्थित घाट बलिया गांव में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक घर में छापा मारा। वहां का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि घर के भीतर बाकायदा फैक्ट्री की तरह हथियार ढाले जा रहे थे। पुलिस ने मौके से मुख्य संचालक और कारीगर हराधन मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इस यूनिट में हथियार तैयार करने के लिए मुंगेर के माहिर कारीगरों की मदद ली जा रही थी। मौके से एक देसी बंदूक, एक अधबनी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस को महागामा के इस ठिकाने से करीब 25 क्विंटल व्हाइट बार आयरन, लेथ मशीन, तीन मिलिंग मशीनें, तीन ड्रिल मशीनें और वेल्डिंग उपकरण मिले हैं। इसके साथ ही दर्जनों पिस्टल ग्रिप, मैगजीन पाइप, पीतल की छड़ें और स्प्रिंग के बंडल भी जब्त किए गए हैं। बरामद सामान की तादाद देखकर साफ है कि यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर हथियार तैयार कर दूसरे राज्यों में खपाए जा रहे थे।

बाढ़ के लोहार टोली में भी रेड, महिला समेत चार धंधेबाज धरे गए
गोड्डा से ठीक एक दिन पहले पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित बनारसी घाट के लोहार टोली में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। पुख्ता सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस टीम ने वहां चल रही मिनीगन फैक्ट्री को सील कर दिया। मौके से कौशल कुमार, रेखा देवी, गौरव कुमार पांडेय और सोनू कुमार को रंगे हाथों पकड़ा गया। इस ठिकाने की तलाशी लेने पर पुलिस को पांच अधबने कट्टे, 12 जिंदा कारतूस, तीन अधबने बैरल, ग्राइंडर और ड्रिल मशीनें मिलीं। पुलिस ने मौके से 62 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जिसके बारे में आशंका है कि यह रकम हथियारों की डिलीवरी से आई थी।
दोनों ही मामलों में संबंधित थानों में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन दोनों फैक्ट्रियों से तैयार होने वाले हथियार किन-किन गिरोहों को बेचे जाते थे और कच्चा माल कहां से मंगाया जा रहा था।
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