अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में शनिवार को एक अलग ही हलचल देखने को मिली। आमतौर पर जब सरकारी बसें सड़क पर उतरती हैं, तो इंजन के भारी शोर और काले धुएं के गुबार के साथ शुरुआत होती है। लेकिन इस बार हवा में न तो डीजल की बदबू थी और न ही कानों को चुभने वाली आवाज। सीएम सम्राट चौधरी ने जैसे ही हरी झंडी दिखाई, चमकदार नीली-सफेद बसें बिना किसी शोर और धुएं के चुपचाप आगे बढ़ गईं। बिहार में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना और BSTC यानी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के तहत हरित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का यह नया दौर आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है, जिससे न सिर्फ शहरों की हवा साफ होगी, बल्कि दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों को भी एक आरामदायक और किफायती विकल्प मिलेगा।
6 बड़े शहरों में शुरू हुई प्रदूषण-मुक्त सफर की सुविधा
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत बिहार को कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है, जिनमें 200 बसें 12 मीटर और 200 बसें 9 मीटर श्रेणी की हैं। इस कार्यक्रम के दौरान पहली 12 मीटर ई-बस का लोकार्पण कर इसे सड़क पर उतारा गया। इन ई-बसों का संचालन प्राथमिक रूप से राज्य के छह बड़े शहरों यानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में किया जाएगा। शहरों में पुरानी डीजल बसों की जगह इन ई-बसों के चलने से वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी और लोगों को शांत और धुआं-मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज पटना स्थित वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में परिवहन विभाग द्वारा आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों तथा बीएसआरटीसी के नए डीलक्स बस बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।@samrat4bjp pic.twitter.com/mzM1ioJt82
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 25, 2026
दिल्ली और यूपी समेत 5 राज्यों के लिए 149 नई डीलक्स बसें
शहरी इलाकों के अलावा, अंतर्राज्यीय सफर करने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए भी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बेड़े में 149 नई डीलक्स बसें जोड़ी जा रही हैं, जिनमें 75 एसी और 74 नॉन-एसी बसें शामिल हैं। सीएम ने इनमें से 3 एसी और 73 नॉन-एसी बसों का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। ये बसें बिहार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों से जोड़ेंगी, जिससे लंबे सफर पर जाने वाले यात्रियों को प्राइवेट बसों के महंगे किराए से राहत मिलेगी और उन्हें एक सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद सरकारी बस सेवा का विकल्प मिल सकेगा।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा से लैस हैं नई बसें
इन सभी नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत का विशेष ध्यान रखा गया है और इन्हें जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इस खास मौके पर राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री दामोदर रावत समेत शासन और परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे पूरे बेड़े की बसें सड़कों पर उतरेंगी, राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से बदली हुई और आधुनिक नजर आएगी।
इसे भी पढ़ें : LNJP में 400 बेड का नया ब्लॉक शुरू, CM बोले- बिहार में ही मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज

