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Patna : किसी भी सरकार के कामकाज को परखने के लिए 100 दिनों का समय बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन अगर इरादे मजबूत हों और जनता की सेवा का भाव सच्चा हो, तो इतने ही वक्त में बदलाव की एक नई इबारत लिखी जा सकती है। बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिन पूरे कर लिए हैं। यह महज 100 दिनों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक ठोस संकल्प है। राजधानी पटना के बीआईटी मेसरा परिसर में आयोजित भव्य समारोह में सीएम सम्राट चौधरी ने एक साथ 11,464 करोड़ रुपये की विशाल लागत वाली 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बेहद भावुक और सरल अंदाज में कहा कि यह सरकार बिहार की 14 करोड़ जनता की अपनी सरकार है और वे खुद को एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि जनता के सच्चे सेवक के रूप में देखते हैं। मुख्यमंत्री ने जब मंच से कहा, “यह सरकार बिहार की जनता की है, हम आपके सेवक हैं”, तो उनके भाषण का सबसे बड़ा संदेश यही था कि सरकार अब विकास के बड़े लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने का दावा कर रही है।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता ने जो प्यार और भरोसा जताया है, उसकी बदौलत ही आज विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं। शुरुआती दिनों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सीएम सम्राट चौधरी बनने के महज 15 दिनों के भीतर वे खुद 11 हजार से अधिक आम लोगों से मिले, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके सुझावों को समझा। इसी जन-संवाद के आधार पर सरकार ने अपनी नीतियों को नया रूप दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है। इन 100 दिनों के भीतर लिए गए सभी फैसले राज्य के हर नागरिक की जिंदगी में सुधार लाने और बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए समर्पित रहे हैं।
सेवा, संकल्प, समर्पण के 100 दिन के उपलक्ष्य पर माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कर-कमलों द्वारा ₹11,464 करोड़ की लागत से कुल 2476 योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते माननीय मुख्यमंत्री जी।@samrat4bjp pic.twitter.com/lrQylnlpDC
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 25, 2026
जन-समस्याओं का सीधा समाधान, प्रखंडों से लेकर पटना तक सुनवाई
अक्सर देखा जाता है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। इस परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए सम्राट सरकार ने राज्य के सभी 534 प्रखंडों में नियमित रूप से सहयोग शिविरों की शुरुआत की है। इन शिविरों का असर ऐसा रहा कि अब तक करीब 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन तुरंत कर दिया गया है। सरकारी मशीनरी की जवाबदेही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 4 अधिकारियों को तीसरा नोटिस देने की नौबत आई है। जो लोग प्रखंड स्तर के फैसले से असंतुष्ट रहते हैं, उनकी सुनवाई खुद मुख्यमंत्री हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में करते हैं। इसके अलावा, एक करोड़ जरूरतमंदों को राशन कार्ड से जोड़ने का बड़ा अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में नया सवेरा: 211 नए डिग्री कॉलेज और एआई यूनिवर्सिटी
शिक्षा को किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ माना जाता है और सम्राट सरकार ने इस दिशा में दूरगामी फैसले लिए हैं। आजादी से लेकर अब तक बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज ही चल रहे थे, लेकिन इस सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत कर दी। इसके साथ ही 551 सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर मॉडल स्कूल बनाया गया है। आने वाले समय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर देश के पहले एआई एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जबकि शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर आर्किटेक्चर एवं इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बनेगी। प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को उसके पुराने गौरव के साथ विकसित करने के लिए 220 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है और जननायक कर्पूरी ठाकुर संस्थान में रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा रही है।
सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं- बेवजह रेफर करने की प्रथा पर रोक
स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में भी सरकार ने जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव की रूपरेखा तैयार की है। 15 अगस्त के बाद राज्य के सभी जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को बिना किसी गंभीर या आपातकालीन स्थिति के बेवजह रेफर करने की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि स्थानीय अस्पतालों में ही बेहतर इलाज की सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि गरीब मरीजों को दूर-दराज के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के जरिए नए मेडिकल कॉलेज और अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकें।
“सेवा, संकल्प और समर्पण के 100 दिन” पूर्ण होने के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी आज बी०आई०टी० मेसरा, पटना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।@samrat4bjp pic.twitter.com/Ri1cuHgpZN
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उद्योगों का जाल और लाखों रोजगार, 5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य
बिहार को एक बड़े औद्योगिक केंद्र में बदलने के लिए सरकार ने 20 नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य के हर जिले में कम से कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई गई है। वैशाली के राजापाकर में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क से करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा और इसमें 20 से 30 हजार करोड़ का निवेश आएगा। गया में 3,000 एकड़ की विशाल भूमि पर डेडिकेटेड स्टील प्लांट हब बनाया जाएगा। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें शुरू की जाएंगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर का नया चेहरा- 200 किमी मरीन ड्राइव और विशाल एयरपोर्ट्स
राज्य में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए मरीन ड्राइव, नई टाउनशिप और एयरपोर्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। पटना में बने 26 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव की तर्ज पर अगले तीन सालों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 200 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। शहरी जरूरतों को पूरा करने के लिए 12 नई टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से सोनपुर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाने की योजना पर काम चल रहा है, वहीं सुल्तानगंज में नया एयरपोर्ट बनेगा और दरभंगा एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटन को नई दिशा देने के लिए हेली-टूरिज्म की शुरुआत होगी, जबकि महिला सशक्तिकरण को बल देने के लिए पटना में अत्याधुनिक जीविका टावर का निर्माण किया जाएगा।
समारोह के दौरान आईटी विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ, और पशु संसाधन विभाग ने एचपीसीएल व आईओसीएल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने नए नियुक्त डॉक्टरों और फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इन फैसलों से साफ है कि सम्राट सरकार के 100 दिनों का यह सफर बिहार को एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की मजबूत दिशा तय कर चुका है।
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