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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ में भाजपा के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत नगर परिषद कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। नगर परिषद कार्यालय में कई जरूरी कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं। भ्रष्टाचार का बोलबाला है और आम जनता को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पदाधिकारियों की मनमानी के कारण नगर क्षेत्र की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पानी, सड़क, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
निकाय चुनाव पर उठे सवाल
भाजपा ने कहा कि अप्रैल 2018 में पूर्व की रघुवर सरकार ने निकाय चुनाव दलीय आधार पर ईवीएम के माध्यम से कराए थे। लेकिन बीते छह वर्षों से सत्ता में बैठी हेमंत सरकार ने अब तक निकाय चुनाव नहीं कराए।
पिछड़ों के अधिकारों पर चोट का आरोप
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव बिना पिछड़ा आरक्षण के कराकर पिछड़ा समाज के अधिकारों का हनन किया गया। ट्रिपल टेस्ट के नाम पर दो वर्षों तक निकाय चुनाव टालते रहना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ का आरोप
भाजपा नेताओं का कहना है कि न्यायालय के दबाव में ट्रिपल टेस्ट पूरा करने के बावजूद सरकार अब निकाय चुनाव को दलीय आधार पर नहीं कराना चाहती। इसके साथ ही ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की योजना बनाई जा रही है।
तकनीक से डर क्यों
धरना में कहा गया कि पूरा देश डिजिटल व्यवस्था को अपना रहा है। डीबीटी, ईवीएम और डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ती है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है। फिर निकाय चुनाव में तकनीक से पीछे क्यों हटना चाहती है सरकार।
ईवीएम पर दोहरा रवैया
भाजपा ने सवाल उठाया कि जिस ईवीएम को बार-बार कटघरे में खड़ा किया जाता है, उसी ईवीएम से चुनाव जीतकर मौजूदा गठबंधन सरकार सत्ता में आई है।
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