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Dausa : राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोलवा थाना इलाके के धनावड़ के पास जीरो प्वाइंट पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के कुछ ही पल बाद बस में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। चारों तरफ लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। कई शव बुरी तरह झुलस गए और घटनास्थल का मंजर बेहद दर्दनाक था।
बस में फंसे यात्री नहीं निकल पाए
जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 3 बजे हुआ। टक्कर के बाद बस में आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। बस में फंसे 6 यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं 2 अन्य यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को बस से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
29 घायल, बच्चों का भी चल रहा इलाज
दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि हादसे में 29 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज दौसा जिला अस्पताल में चल रहा है। इनमें से 9 घायलों की पहचान भी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बस में 39 से ज्यादा यात्री होने का अनुमान
दौसा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार ने बताया कि बस में 39 से अधिक यात्री सवार होने का अनुमान है। हालांकि अभी यात्रियों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे में ट्रेलर का चालक और उसका खलासी भी घायल हुए हैं। अब तक 6 शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घायलों को फिलहाल मृतकों की जानकारी नहीं दी गई है।
शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस चालक को संभवतः नींद की झपकी आने के कारण बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि हादसे की असली वजह का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले आग पर काबू पाया गया और फिर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने जताया दुख
इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने हादसे को बेहद पीड़ादायक बताते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने सरकार से यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की जरूरत बताई।
राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दुर्घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ उनकी गहरी संवेदनाएं हैं और ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले तथा घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।
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