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Ranchi : झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिक और किसान विरोधी हैं। मजदूरों की यूनियन को कमजोर किया जा रहा है, कानून निजी कंपनियों के हित में बदले जा रहे हैं और पब्लिक सेक्टर का निजीकरण करके देश को कॉर्पोरेट के हाथों बेचा जा रहा है। भट्टाचार्य बुधवार को अलबर्ट एक्का चौक झामुमो रांची जिला कमेटी की ओर से देशव्यापी हडताल के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जैसे किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सात महीने तक आंदोलन किया और अपनी जानें गंवाईं, अब मजदूरों को भी उसी तरह के हालात में धकेला जा रहा है। लेकिन झामुमो इस पर चुप नहीं बैठेगा और झारखंड में किसी भी मजदूर विरोधी कानून को लागू नहीं होने देगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने की। उन्होंने कहा कि झामुमो गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज की पार्टी है। केंद्र सरकार जो श्रम कानून ला रही है, उसमें मजदूरों को अपनी मांगें रखने का अधिकार तक नहीं है, जब तक फैक्ट्री मालिक की अनुमति न हो। यह पूरी तरह से श्रमिकों को गुलाम बनाने की कोशिश है।
इस प्रदर्शन में झामुमो के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों में झामुमो केंद्रीय सदस्य अश्विनी शर्मा, कुदूस अंसारी, कलाम आजाद, आदिल इमाम, अफरोज अंसारी, जीत गुप्ता, फरीद खान, सज्जाद अंसारी, अंशु लकड़ा, अंकिता वर्मा, सीमा लकड़ा, अनमोल रतन सांचा समेत कई अन्य शामिल थे।
प्रदर्शन के जरिए झामुमो ने केंद्र सरकार से श्रमिकों और किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं ली गईं, तो विरोध और तेज किया जाएगा।
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