अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : CM हेमंत सोरेन के आवासीय दफ्तर में गुरुवार को एक ऐसा नजारा दिखा, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। CM हेमंत सोरेन के सामने एक सात साल का बच्चा खड़ा था। छोटा कद, मासूम चेहरा, लेकिन उपलब्धि ऐसी जिसने पूरे झारखंड का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। सीएम ने जैसे ही रांची के “समंदर के सिपाही” यानी नन्हे तैराक इशांक सिंह को सम्मानित किया, माहौल तालियों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने इशांक को 5 लाख रुपये का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर नवाजा। इस दौरान उन्होंने इशांक के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि इस बच्चे ने सिर्फ अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का नाम देश और दुनिया में रोशन किया है। CM ने कहा कि यह बच्चा नहीं, झारखंड की शान है।
सीएम बोले- इतनी छोटी उम्र में यह उपलब्धि असाधारण
सीएम हेमंत सोरेन इशांक की उपलब्धि से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि सात साल की उम्र में समुद्र की इतनी कठिन चुनौती को पार करना कोई सामान्य बात नहीं है। यह कठिन परिश्रम, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। सीएम ने कहा कि जब झारखंड का एक छोटा बच्चा दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा दिखाता है, तो यह पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बन जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इशांक आने वाले दिनों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।

29 किलोमीटर समंदर से लड़कर बना “जल वीर”
यहां याद दिला दें कि बीते 30 अप्रैल को रांची के इशांक सिंह ने वह कर दिखाया, जिसे बड़े-बड़े तैराक भी चुनौती मानते हैं। भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पाल्क स्ट्रेट की करीब 29 किलोमीटर लंबी समुद्री दूरी को इशांक ने लगातार 9 घंटे 50 मिनट तक तैरकर पार किया। तेज लहरें, गहरा समुद्र और लंबा सफर। लेकिन सात साल के इस बच्चे ने हार नहीं मानी। आखिरकार उसने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। जब मुख्यमंत्री आवास में इशांक अपनी उपलब्धि की कहानी सुना रहा था, तब वहां मौजूद अधिकारी और लोग भी उसकी हिम्मत की तारीफ करते नहीं थक रहे थे।

सरकार प्रतिभाओं को हर संभव मदद देगी : सीएम
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में बेहतर खेल नीति बनाई गई है और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में तैराकी प्रशिक्षण और उससे जुड़ी सुविधाओं को और मजबूत किया जाए, ताकि इशांक जैसे बच्चों को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी लगातार दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का काम करेंगी।

बेटे की सफलता देख भावुक हुए माता-पिता
सम्मान समारोह में इशांक के माता-पिता और कोच भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी सम्मानित किया। बेटे की सफलता और मुख्यमंत्री से मिले सम्मान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी छलक रही थी। परिवार के लिए यह सिर्फ सम्मान का पल नहीं था, बल्कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम था। एक ऐसा बच्चा, जिसने खेलने-कूदने की उम्र में खुद को पानी की कठिन दुनिया में तैयार किया और फिर इतिहास रच दिया।
कई बड़े अधिकारी और मंत्री रहे मौजूद
इस अवसर पर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार, खेल निदेशक आसिफ इकराम, उप निदेशक राजेश कुमार और तैराकी संघ के शैलेंद्र तिवारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : असम में JMM ने दिखाया दम, CM हेमंत की ‘एकला चलो’ रणनीति ने चौंकाया

