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Ranchi : झारखंड की सड़कों पर शुक्रवार का दिन पुलिस के लिए खास रहा। लंबे समय से जिस बदलाव का इंतजार था, उसकी शुरुआत हो गई। सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर से 1485 नए पुलिस पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जैसे ही एक के बाद एक गाड़ियां परिसर से बाहर निकलीं, पुलिसकर्मियों के चेहरे पर उत्साह साफ दिख रहा था। दरअसल, राज्य के कई थानों में पुलिसकर्मी अब तक पुरानी और जर्जर गाड़ियों के सहारे गश्त करते थे। कई बार रास्ते में गाड़ी खराब हो जाने से कार्रवाई में देर भी हो जाती थी। अब नई गाड़ियों के आने से हालात बदलने की उम्मीद है।
पुरानी गाड़ियों की परेशानी से मिलेगी राहत
ग्रामीण इलाकों के कई थानों में पुलिसकर्मी बताते हैं कि रात की गश्त करना आसान नहीं होता था। खराब सड़कों और पुरानी गाड़ियों के कारण कई बार घटनास्थल तक पहुंचने में देर लग जाती थी। नई गाड़ियों के मिलने से अब पुलिस टीम ज्यादा तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी। इससे अपराधियों पर भी दबाव बढ़ेगा और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।

पहले चरण में सड़कों पर उतरे 1485 वाहन
सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण के तहत बड़ी संख्या में गाड़ियों की मंजूरी दी है। कुल स्वीकृत गाड़ियों में 1255 पेट्रोलिंग चार पहिया वाहन और 1697 दो पहिया वाहन शामिल हैं। शुक्रवार को पहले चरण में 1485 वाहन पुलिस को सौंपे गए। इनमें 636 चार पहिया पेट्रोलिंग वाहन और 849 दो पहिया वाहन हैं। चार पहिया गाड़ियों में अधिकतर महिंद्रा बोलेरो बीएस-6 मॉडल की गाड़ियां हैं, जिन्हें खास तौर पर पुलिस गश्त के लिए तैयार किया गया है।

जिलों तक सीधे पहुंची नई ताकत
636 बोलेरो गाड़ियों में से 614 गाड़ियां सीधे अलग-अलग जिलों को दी गईं। इससे थानों को तुरंत फायदा मिलेगा। बाकी गाड़ियों को क्यूआरटी और अन्य स्पेशल युनिट्स के लिए रखा गया है, ताकि किसी बड़ी घटना या आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई गाड़ियों के आने से दूरदराज के इलाकों में भी गश्त पहले से ज्यादा नियमित और प्रभावी होगी।
12 नए अत्याधुनिक थाना भवनों का शिलान्यास
यह पहल सिर्फ गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। सीएम हेमंत सोरेन ने मौके पर 12 नए अत्याधुनिक थाना भवनों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया। ये थाने हजारीबाग, बोकारो, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, रांची, दुमका और चतरा जिलों में बनाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन नए भवनों से पुलिस के कामकाज को बेहतर माहौल मिलेगा और लोगों को भी अपनी शिकायत दर्ज कराने में सुविधा होगी।
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