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Ranchi : “शहरों का विकास अब पुराने तरीके से नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सटीक आंकड़ों के आधार पर होगा।” सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को कुछ इसी सोच के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग की GIS आधारित शहरी प्रबंधन प्रणाली परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि इस महत्वाकांक्षी योजना को तय समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरों के विकास में पारदर्शिता आए और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परियोजना केवल डिजिटल मैप तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद पूरे शहरी प्रशासन को ज्यादा वैज्ञानिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि योजनाएं कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन की वास्तविक स्थिति और सटीक आंकड़ों के आधार पर बनें।
राजस्व बढ़ेगा, सुविधाएं भी होंगी बेहतर
सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि GIS तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नगर निकायों के पास अपनी हर परिसंपत्ति का सही और अपडेट रिकॉर्ड रहेगा। इससे राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, सरकारी संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा और नागरिकों तक सुविधाएं भी तेजी से पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि जब किसी शहर की हर सड़क, हर भवन, हर स्ट्रीट लाइट, हर बिजली का पोल और हर जल स्रोत डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगा, तब योजनाओं की निगरानी करना भी आसान होगा और विकास कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
रांची, धनबाद और गिरिडीह से हुई शुरुआत
बैठक में सीएम को बताया गया कि फिलहाल इस परियोजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रांची, धनबाद और गिरिडीह नगर निगम से की गई है। इन तीनों शहरों में हवाई LiDAR सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है। अब डिजिटल मैपिंग, GIS लेयर तैयार करने और डेटा प्रोसेसिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसके तहत भवनों, सड़कों, स्ट्रीट लाइट, बिजली के पोल, जल निकायों, सरकारी परिसंपत्तियों और अन्य शहरी सुविधाओं का जियो टैगिंग के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
पूरे राज्य में लागू होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीनों नगर निगमों में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों का गहराई से अध्ययन किया जाए। जहां सुधार की जरूरत हो, वहां बदलाव किए जाएं और उसके बाद इस प्रणाली को राज्य के सभी 49 शहरी स्थानीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की विस्तृत योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही तकनीक शहरों के विकास की दिशा तय करेगी और शहरी प्रशासन को पहले से कहीं अधिक प्रभावी बनाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सूडा के निदेशक सूरज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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