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Pune : पुणे से आई इस सनसनीखेज खबर ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है। जिसे शुरुआत में एक बेहद दर्दनाक और साधारण हादसा मान लिया गया था, वह परतें खुलने के बाद एक सोची-समझी और खौफनाक हत्या की साजिश निकली। यह कहानी है प्यार, धोखे, पैसे और एक ऐसे खौफनाक इरादे की, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। 600 करोड़ रुपये के बड़े रियल एस्टेट एम्पायर का इकलौता वारिस, 26 साल का केतन अग्रवाल, अपनी मंगेतर सिया गोयल से बेपनाह मोहब्बत करता था। वह उसके लिए हर वो खुशी लाना चाहता था जिसकी कोई कल्पना कर सकता है। लेकिन उसे क्या मालूम था कि जिस लड़की को वह अपनी जिंदगी बनाने का सपना देख रहा है, वही उसकी जिंदगी को खत्म करने का पूरा खाका तैयार कर चुकी है।
आलीशान जिंदगी और सपनों की शुरुआत
केतन अग्रवाल पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे थे। पूरा परिवार Lodha Belmondo जैसे बेहद आलीशान इलाके में रहता है। निर्माण क्षेत्र में अग्रवाल परिवार की साख और रसूख बहुत बड़ा है। केतन खुद इस बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर काम संभाल रहे थे। वह न सिर्फ बिजनेस में आगे थे, बल्कि स्वभाव से बेहद मिलनसार, सक्रिय और ट्रेकिंग के शौकीन थे। साल 2026 के फरवरी महीने में केतन की सगाई 20 साल की सिया गोयल से हुई, जो पुणे के बिबवेवाडी इलाके की रहने वाली थी। केतन इस रिश्ते से बेहद खुश थे और अपनी शादी को लेकर बहुत उत्साहित थे। वह सिया पर अपनी जान छिड़कते थे और लगातार उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी की योजनाएं बना रहे थे।
दिल में नफरत, चेहरे पर मुस्कान
एक तरफ केतन जहां शादी के सपने बुन रहे थे, वहीं सिया के मन में कुछ और ही चल रहा था। सिया इस शादी से बिल्कुल खुश नहीं थी। वह 22 साल के चेतन चौधरी नाम के एक लड़के से प्यार करती थी और उसी के साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहती थी। परिवार के दबाव या किसी अन्य वजह से उसने केतन से सगाई तो कर ली, लेकिन उसने कभी भी केतन को अपने दिल का रास्ता नहीं दिया। हैरानी की बात यह है कि सिया ने कभी भी अपने चेहरे या व्यवहार से केतन को यह अहसास नहीं होने दिया कि वह इस रिश्ते से नाखुश है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों बेहद खुश नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में केतन सिया के जन्मदिन के लिए कार की छत को शानदार तरीके से सजाता है, केक कटिंग होती है और दोनों हाथ पकड़कर धीमा डांस करते दिखते हैं। सिया ने सोशल मीडिया पर यहां तक लिखा था कि उसे अपना सोल पार्टनर मिल गया है। लेकिन इन सब मुस्कुराते हुए चेहरों और रोमांटिक वीडियो के पीछे एक बहुत ही खौफनाक साजिश की पटकथा लिखी जा रही थी।
बाली ट्रिप को रोकने के लिए अनोखी साजिश
शादी की तैयारियां बहुत भव्य स्तर पर चल रही थीं। अग्रवाल परिवार इस शादी को यादगार बनाना चाहता था। इसके लिए जयपुर का एक ऐतिहासिक आलीशान महल बुक किया गया था और मेहमानों के लिए कई होटलों में इंतजाम किए जा चुके थे। 19 जून को सिया का जन्मदिन था। केतन इसे बहुत खास बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सिया के साथ बाली जाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। दोनों निकलने ही वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर यह ट्रिप रद्द हो गई। बाद में पुलिस जांच में जो बात सामने आई, वह हैरान करने वाली थी। रास्ते में जब वे एक होटल में नाश्ते के लिए रुके, तो सिया ने वॉशरूम में जाकर पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया। इसका सीधा मकसद बाली जाने से रोकना था, क्योंकि विदेश में हत्या की साजिश को अंजाम देना मुश्किल था और सिया केतन को पुणे के पास ही अपने जाल में फंसाना चाहती थी।
लोहागढ़ किले पर रची गई मौत की बिसात
बाली का प्लान फेल होने के बाद केतन ने महाबलेश्वर के एक बेहद महंगे रिसॉर्ट में सिया का जन्मदिन मनाने का फैसला किया, जिसके लिए लगभग 40 कमरे बुक किए जा चुके थे। लेकिन सिया ने केतन के सामने एक इच्छा रख दी। उसने कहा कि वह शादी से पहले लोहागढ़ किले पर एक प्री-वेडिंग शूट कराना चाहती है। केतन, जो सिया की हर इच्छा पूरी करना अपना फर्ज समझते थे, तुरंत तैयार हो गए। 31 मई को दोनों पहली बार लोहागढ़ किले की सैर पर गए। यही वह वक्त था जब सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार किया। उन्होंने तय किया कि पहाड़ों और गहरी खाइयों से घिरे इस ऐतिहासिक किले से बेहतर और कोई जगह नहीं हो सकती, जहां मर्डर को एक साधारण हादसे का रूप दिया जा सके।
प्लान ए – जब सांप के बहाने बची जान
सिया और चेतन ने केतन को मारने के लिए एक नहीं, बल्कि तीन प्लान तैयार कर रखे थे। हत्या के मुख्य दिन से चार दिन पहले, यानी 14 जून को सिया केतन को लेकर लोहागढ़ किले पर गई थी। यह उनका प्लान ए था। किले के एक सुनसान और गहरी खाई वाले हिस्से पर ले जाकर सिया ने अचानक केतन को पीछे से जोरदार धक्का दे दिया। केतन नीचे गिरने ही वाले थे, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि उनके हाथ में वहां लगी एक मजबूत झाड़ी आ गई। केतन ने पूरी ताकत से उस झाड़ी को पकड़ लिया और खुद को संभाल लिया। जब सिया को लगा कि उसका राज खुल सकता है और केतन को शक हो सकता है, तो उसने तुरंत चिल्लाना शुरू कर दिया कि वहां सांप है। उसने केतन को गले लगा लिया और ऐसा नाटक किया जैसे वह सांप को देखकर डर गई थी और उसी घबराहट में उसका हाथ केतन को लग गया था। केतन को अपनी होने वाली पत्नी पर पूरा भरोसा था, इसलिए उन्होंने इस बात को सच मान लिया।
19 जून का वो खौफनाक दिन और प्लान बी की कामयाबी

प्लान ए फेल होने के बाद सिया और चेतन ने बिना वक्त गंवाए प्लान बी पर काम शुरू किया। 19 जून, यानी सिया के जन्मदिन वाले दिन, उसने केतन को फिर से एक प्री-बर्थडे सरप्राइज और फोटोशूट के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया। इस बार साजिश को पूरी तरह पुख्ता करने के लिए उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी वहां पहुंच चुका था। चेतन ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए अपना मोबाइल फोन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित अपने घर पर ही छोड़ दिया था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदले और चिलचिलाती धूप में एक हुडी पहन रखी थी। वह अपनी दुकान के एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर आया था और रास्ते के कई सीसीटीवी कैमरों में उसकी यह संदिग्ध आवाजाही रिकॉर्ड हो गई। किले के ऊपर, जब केतन मोबाइल हाथ में लेकर खूबसूरत वादियों की तस्वीरें खींचने में मशगूल थे, तभी मौका पाकर सिया और चेतन ने मिलकर उन्हें 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। अनुभवी ट्रेकर होने के बावजूद इतनी ऊंचाई और अचानक हुए हमले के कारण केतन खुद को संभाल नहीं पाए और नीचे गिरकर मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर आंसू और झूठी सहानुभूति का खेल
केतन को खाई में गिराने के तुरंत बाद सिया ने खुद पुलिस को फोन किया। उसने रोते और घबराते हुए नाटक किया कि तेज हवाओं के बीच फोटो खींचते समय केतन का पैर चट्टान से फिसल गया और वह नीचे गिर गए। शुरुआत में पुलिस ने भी इसे एक दुखद और आकस्मिक दुर्घटना मानकर मामला दर्ज कर लिया। शोक में डूबे परिवार और दुनिया के सामने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए सिया ने केतन की मौत के 24 घंटे के भीतर इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक स्टोरी पोस्ट की। उसने लिखा कि तुमने मुझे मेरे जन्मदिन पर ही छोड़ दिया। तुम तब चले गए जब हम शादी करने के बेहद करीब थे। मुझे समझ नहीं आ रहा कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। जब मैं तुमसे इतना प्यार करती थी, तो तुमने मुझे क्यों छोड़ दिया? तुम्हारी आत्मा को शांति मिले।
बहन का शक और पुलिस की चौकस जांच
केतन अग्रवाल एक बेहद अनुभवी माउंटेनियर और ट्रेकर थे। उन्हें पहाड़ों पर चलने का अच्छा खासा अभ्यास था। यही बात केतन के पिता विशाल अग्रवाल और उनकी बहन को खटक रही थी। उन्हें पूरा यकीन था कि केतन इतनी आसानी से किसी जगह से नहीं फिसल सकते। इसके अलावा, केतन के अंतिम संस्कार के चार दिनों बाद तक सिया एक बार भी उनके घर संतावना देने नहीं आई। जब वह चार दिन बाद आई, तो केतन की बहन ने उससे कुछ सीधे सवाल पूछे। सिया उन सवालों के जवाब देने में हिचकिचाने लगी और उसकी बातें संदिग्ध लगीं। परिवार ने तुरंत अपनी चिंताओं से पुणे ग्रामीण पुलिस को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने स्थानीय क्राइम ब्रांच और लोनावाला रूरल पुलिस को गहराई से जांच के आदेश दिए।
कॉल रिकॉर्ड्स और बंद इंटरनेट ने खोला राज
जब पुलिस ने तकनीकी सबूतों को खंगालना शुरू किया, तो पूरी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस को पता चला कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से जून के बीच कुल 2004 बार फोन पर बातचीत हुई थी। जनवरी वही समय था जब केतन और सिया की शादी की बात चल रही थी। इन छह महीनों के भीतर दोनों ने आपस में पूरे 238 घंटे बात की थी। इसके बाद सबसे बड़ा सुराग चेतन के फोन से मिला। घटना वाले दिन यानी 18 और 19 जून के दौरान चेतन के फोन का इंटरनेट सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 5:40 बजे तक पूरी तरह बंद था। उसने जानबूझकर अपना फोन एक दुकान पर छोड़ दिया था ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन न मिले। लेकिन पुलिस ने जब उस दौरान चेतन को फोन करने वाले लोगों से पूछताछ की, तो पता चला कि चेतन अपनी दुकान पर था ही नहीं। सीसीटीवी फुटेज में भी चेतन हुडी पहने लोहागढ़ की तरफ जाता हुआ साफ दिखाई दे दिया।
कबूलनामा और सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब इन पुख्ता तकनीकी सबूतों के साथ सिया गोयल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक पाई। उसने रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने माना कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और चेतन के साथ रहने के लिए उसने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। सिया ने यह भी खुलासा किया कि अगर लोहागढ़ किले वाला प्लान बी भी फेल हो जाता, तो उन्होंने महाबलेश्वर में केतन को मारने का प्लान सी भी पहले से तैयार कर रखा था। पुलिस ने सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
एक बेकसूर की मौत और समाज के सामने बड़े सवाल
इस पूरे हत्याकांड ने इंटरनेट पर लोगों को एक पुराने मामले की याद दिला दी, जहां सोनम रघुवंशी नाम की महिला ने अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। लोग अब सिया की तुलना उसी घटना से कर रहे हैं। इस घटना ने एक हंसते-खेलते और रसूखदार परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। केतन अग्रवाल, जिनके पास दौलत, शोहरत, अच्छा स्वभाव और एक शानदार भविष्य था, सिर्फ एक गलत इंसान पर भरोसा करने की कीमत अपनी जान देकर चुकाई।
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