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Patna : बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि अब वह बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे और राज्यसभा के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब नई भूमिका में नजर आएंगे। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश
नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से बिहार की जनता ने उन पर विश्वास और समर्थन बनाए रखा। इसी भरोसे की ताकत से उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ बिहार और यहां के लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास के कारण ही आज बिहार विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए वह पहले भी कई बार लोगों का आभार व्यक्त कर चुके हैं।
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) March 5, 2026
संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में यह भी बताया कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में एक इच्छा थी। वह चाहते थे कि बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा के तहत वह इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही वह नई भूमिका में जाएंगे, लेकिन बिहार और यहां की जनता के साथ उनका रिश्ता पहले जैसा ही बना रहेगा। नीतीश कुमार ने भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास के लिए उनका संकल्प आगे भी जारी रहेगा। जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद नीतीश कुमार के समर्थकों और जेडीयू के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया था। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली जाना ठीक नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नीतीश कुमार को समझना होगा।
सीएम हाउस के बाहर नारेबाजी
नीतीश कुमार के फैसले के बाद कई जदयू कार्यकर्ता पटना पहुंच गए और मुख्यमंत्री आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा। उनका कहना है कि जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है और बिहार ही उनका परिवार है।
ललन सिंह ने निशांत कुमार से की मुलाकात
इधर, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनके बेटे निशांत कुमार से भी बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा हुई। यह भी चर्चा हो रही है कि आने वाले समय में निशांत कुमार की राजनीति में बड़ी भूमिका हो सकती है।
निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है, जहां नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे और बिहार में नई टीम जिम्मेदारी संभालेगी।
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