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Ranchi : रांची के पास लातेहार में चंदवा इलाके का धोबी टोला। आम दिनों की तरह सब कुछ शांत था, लेकिन 3 मई की सुबह यहां एक बड़ी कार्रवाई की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी। रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को पुख्ता सूचना मिल चुकी थी कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC का सब जोनल कमांडर विरम राम उर्फ विक्रम जी उर्फ अरविंद जी यहीं छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही रूरल एसपी गौरव गोस्वामी हरकत में आए। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम की कमान खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी को दी गई और बिना वक्त गंवाए ऑपरेशन शुरू हो गया।
चारों तरफ पुलिस, अंदर छिपा था उग्रवादी
धोबी टोला की गलियों में धीरे धीरे पुलिस ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। किसी को भनक तक नहीं लगी और आरोपी का घर चारों ओर से घेर लिया गया। अंदर मौजूद विरम राम को जैसे ही हलचल का अंदेशा हुआ, वह पीछे के रास्ते से भागने की कोशिश में जुट गया। लेकिन इस बार किस्मत उसके साथ नहीं थी। बाहर पहले से तैनात पुलिस वालों ने उसे दबोच लिया। एक लंबे समय से फरार चल रहा उग्रवादी आखिरकार कानून के शिकंजे में था।
पूछताछ में खुला खौफ का नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद जब पूछताछ शुरू हुई तो धीरे-धीरे कई परतें खुलने लगीं। विरम राम ने कबूल किया कि वह कई घटनाओं में शामिल रहा है। बुढ़मू इलाके के एक ईंट भट्ठा पर हुई फायरिंग की घटना भी उसी की साजिश थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापर गांव के एक अधूरे मकान में छापा मारा। वहां से 9 एमएम पिस्टल, मैग्जीन, जिंदा गोलियां, मोबाइल और राउटर बरामद हुआ। यह सब इस बात का सबूत थे कि नेटवर्क कितना तगड़ा था।
रंगदारी, दहशत और 15 साल का सफर
रांची के रुरल एशपी गौरव गोस्वामी ने मीडिया को बताया कि विरम राम उर्फ विक्रम जी उर्फ अरविंद जी करीब 15 साल से TSPC से जुड़ा हुआ था। इस दौरान उसने बुढ़मू, ठाकुरगांव, पतरातू, खलारी, कांके, केरेडारी, पिपरवार, पिठोरिया, मैक्लुस्कीगंज और रातू जैसे इलाकों में अपना दबदबा बना लिया था। उसका काम सीधा था, डर पैदा करो और वसूली करो। जमीन कारोबारी, ठेकेदार, ईंट भट्ठा मालिक और कोयला कारोबारी उसके निशाने पर रहते थे। पैसे नहीं देने वालों को फायरिंग और आगजनी का खामियाजा भुगतना पड़ता था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी, फायरिंग, आगजनी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
गिरोह पर अगली चोट की तैयारी
एसपी गौरव गोस्वामी का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। विरम राम के गिरोह के कई सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं और बाकी की पहचान भी हो चुकी है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जो लोग इस नेटवर्क को सपोर्ट कर रहे थे, उन्हें भी अब बख्शा नहीं जाएगा। कुख्यात सब जोनल कमांडर अरविंद को दबोचने में खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी, मांडर के सर्किल इंस्पेक्टर जय प्रकाश राणा, बुढ़मू थानेदार नविन शर्मा, ठाकुरगांव थानेदार शुभम कुमार, एसआई संजीव कुमार, रवि उरांव और एएसआई बलेन्द्र कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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