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Lohardaga/Ranchi : लोहरदगा के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार की सुबह कुछ अलग थी। सभाकक्ष में बैठे अधिकारी गंभीर मुद्रा में नोट्स ले रहे थे और बीच में प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी कुमार मिश्र की आवाज बार-बार सुनाई दे रही थी… “राजस्व बढ़ाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन संवेदनशीलता के साथ।” आयुक्त अंजनी कुमार मिश्र दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की कमान संभालते हुए लोहरदगा पहुंचे थे। उनकी प्राथमिकता साफ थी… सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना और राजस्व बढ़ाना। बैठक की शुरुआत में उन्होंने जमीन म्यूटेशन से लेकर राजस्व संग्रहण तक हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन के मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को राहत मिले, और राजस्व का प्रवाह भी जारी रहे। उपायुक्त को निर्देश दिया गया कि हर महीने म्यूटेशन और राजस्व मामलों की समीक्षा करें, जबकि अपर समाहर्ता को हर हफ्ते रिपोर्ट लें।
गैरमजरुआ और अतिक्रमण भूमि पर सख्त रुख
गैरमजरुआ जमीन और उस पर बढ़ते अतिक्रमण के मामले बैठक में एक अहम विषय रहा। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि गैरमजरुआ आम, खास और जंगल-झाड़ी भूमि का भौतिक सत्यापन जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि अंचल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ऐसी जमीनों पर कोई अवैध कब्जा न हो, और अगर हो तो तुरंत कार्रवाई की जाए। इस दौरान उन्होंने हल्का कर्मियों से प्रमाण लेने को भी कहा कि संबंधित जमीन पर अतिक्रमण नहीं है। यह हिस्सा बैठक का सबसे तकनीकी लेकिन निर्णायक चरण था।
अवैध बॉक्साइट ढुलाई पर नकेल
खनन और परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त की आवाज सख्त हो गयी। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध बॉक्साइट ढुलाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पकड़े गए वाहनों की जांच केवल औपचारिक न हो। परमिट, बीमा, प्रदूषण, फिटनेस, नंबर प्लेट, सब कुछ देखा जाए। उन्होंने कहा कि बॉक्साइट हमारी संपत्ति है, और इसका अवैध दोहन किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए।

विकास योजनाओं की समीक्षा और प्रशंसा
बैठक में जब कल्याण और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की बात आई, तो आयुक्त का चेहरा नरम हुआ। उन्होंने लोहरदगा जिले में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाभुक अंशदान की समय पर वसूली का यह मॉडल राज्य के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना, स्वास्थ्य सहायता योजना, छात्रवृत्ति, सरना-मसना घेराबंदी, और आवासीय विद्यालयों की मरम्मति जैसे विषयों पर भी विस्तार से समीक्षा हुई।
सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष ध्यान
आयुक्त ने कहा कि समाज कल्याण की योजनाओं में देरी अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन योजना और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए। कुपोषित बच्चों पर चिंता जताते हुए उन्होंने एमटीसी केंद्रों में भर्ती की नियमित निगरानी करने को कहा। शिक्षा विभाग को स्कूलों में पेयजल, शौचालय और स्वच्छता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ विद्यालय ही बेहतर समाज की नींव है।

हर विभाग से जवाबदेही की मांग
मत्स्य, सहकारिता, वाणिज्यकर, श्रम और आपूर्ति विभागों पर भी उन्होंने बारीकी से नजर डाली। सहकारी समितियों का नियमित अंकेक्षण, श्रमिकों का पंजीकरण और वितरण योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा, “नीतियां कागज पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए।”
अधिकारियों को दिलाई एकता की शपथ
बैठक के अंत में माहौल कुछ हल्का हुआ जब प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी कुमार मिश्र ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर सभी अधिकारियों को एकता की शपथ दिलाई। उपायुक्त डॉ. ताराचंद और पुलिस कप्तान सादिक अनवर रिजवी ने पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
वातावरण में थोड़ी औपचारिकता, थोड़ी आत्मीयता और बहुत सारी जिम्मेदारी महसूस हो रही थी।
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