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Ranchi : पिठौरिया और कांके क्षेत्र में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था के खिलाफ भाकपा माले खुलकर मैदान में उतर आई है। पार्टी ने सोमवार को विद्युत वितरण प्रखंड कांके के जूनियर इंजीनियर को आवेदन सौंपकर साफ कहा कि गांवों में बिजली अब सुविधा नहीं, ज़रूरत है और इस पर टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाकपा माले नेताओं का कहना है कि राजधानी से सटे होने के बावजूद कांके प्रखंड के कई गांव आज भी अंधेरे में जी रहे हैं। ग्रामीण, किसान और गरीब परिवार सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में बिजली से वंचित हैं। पार्टी ने इसे प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा बताया।
मुफ्त बिजली योजना पर भाकपा माले का सवाल
पार्टी ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। भाकपा माले का कहना है कि योजना लागू है, लेकिन न तो इसका प्रचार हो रहा है और न ही जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल पा रहा है। नेताओं ने मांग की कि इचापिड़ी पंचायत में कैंप लगाकर योजना की जानकारी दी जाए और वहीं से निःशुल्क घरेलू कनेक्शन दिया जाए।
ट्रांसफॉर्मर से लेकर लाइन तक उठाए मुद्दे
भाकपा माले के नेता जफर अंसारी ने बताया कि कई गांवों में ट्रांसफॉर्मर महीनों से खराब हैं, जिससे पढ़ाई, खेती और छोटे कामकाज पर असर पड़ रहा है। पार्टी ने चौबे खटंगा से ओखरगड़ा तक जर्जर 11 हजार वोल्ट लाइन को तुरंत बदलने और हेठ कोनकी क्षेत्र में नए बिजली पोल लगाने की मांग की।
अवैध वसूली के आरोप, जवाबदेही की मांग
भाकपा माले ने कुछ बिजलीकर्मियों पर अवैध छापेमारी और धमकी देकर वसूली करने का आरोप लगाया। पार्टी की ओर से कहा कि छापेमारी के दौरान ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज न किया जाए और यदि जुर्माना लिया जाए तो उसकी रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए। पार्टी ने इसे गरीब विरोधी रवैया बताया।
गांव-गांव तक रोशनी पहुंचाने का दावा
पार्टी की ओर से असरफ अंसारी के घर से मसना स्थल तक बिजली पहुंचाने की मांग भी उठाई गई। भाकपा माले नेताओं का कहना है कि उनकी लड़ाई कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के आखिरी घर तक बिजली पहुंचाने की है।
सामूहिक नेतृत्व में सौंपा गया आवेदन
आवेदन सौंपने के दौरान भाकपा माले नेता जफर अंसारी, जगरनाथ उरांव, सुरेश उरांव, आइसा जिला अध्यक्ष विजय कुमार, मो इमारन अंसारी, उमेश मुंडा, वारिस अंसारी और फैज अंसारी मौजूद थे। नेताओं ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो भाकपा माले जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी। भाकपा माले ने साफ कर दिया है कि कांके के गांवों को अंधेरे में छोड़ना अब आसान नहीं होगा। पार्टी का कहना है कि जब तक हर घर में बिजली नहीं पहुंचेगी, तब तक यह मुद्दा उठता रहेगा।
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