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Lucknow (Pawan Kumar) : गोंडा जनपद के कर्नलगंज में जमीनी विवाद को लेकर हुई अधिवक्ता सुभाष मिश्रा की निर्मम हत्या के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी नेता दारासिंह यादव खुद मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना जताई। परिजनों से बातचीत के दौरान दारासिंह यादव भावुक नजर आए और साफ शब्दों में कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था की खुली नाकामी है।”
परिवार से मुलाकात, टूटे हौसले को दिया सहारा
दारासिंह यादव गोंडा जिले के कर्नलगंज पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत अधिवक्ता सुभाष मिश्रा के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और न्याय की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे।

“पहले से दी गई थी सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई”
दारासिंह यादव ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हत्या से पहले कोतवाली को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी। अगर समय रहते पुलिस ने ठोस कदम उठाए होते, तो आज एक वकील की जान नहीं जाती। यह साफ तौर पर पुलिस की लापरवाही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खतरे की जानकारी पहले से थी, तो सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
थानेदार को हटाने की मांग
समाजवादी नेता ने मांग की कि :
- संबंधित थानेदार को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए
- पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
“न्याय नहीं मिला तो सड़क पर उतरेंगे”
दारासिंह यादव ने दो टूक चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो हम सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की है।
पत्रकार समुदाय में भी रोष
गौरतलब है कि दिवंगत अधिवक्ता सुभाष मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग मिश्रा के पिता थे। इस घटना के बाद पत्रकार जगत में भी गहरा आक्रोश है और सभी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
“कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगे”
अंत में दारासिंह यादव ने परिवार को भरोसा दिलाया कि न्याय मिलने तक वे हर कदम पर साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।”
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