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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ की पहाड़ियों, नदियों और जंगलों से जुड़ा खनन सिर्फ पत्थर, बालू या कोयले का सवाल नहीं है। यह उन परिवारों, किसानों और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, जो इन्हीं प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं। जब अवैध खनन होता है, तो केवल जमीन नहीं खोदी जाती, बल्कि लोगों की आजीविका, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का हक भी छीना जाता है। इसी गंभीरता को समझते हुए जिला प्रशासन ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
प्रशासन की बैठक, लेकिन चिंता आम लोगों की
मंगलवार को समाहरणालय सभागार में हुई जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी। यह उस चिंता की अभिव्यक्ति थी, जो लंबे समय से स्थानीय लोगों के मन में पल रही है। DC मनीष कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध खनन के खिलाफ अब सिर्फ चेतावनी नहीं, ठोस और निर्णायक कार्रवाई होगी। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर बताते हैं कि रात के अंधेरे में चलने वाले क्रशरों की आवाज से नींद टूट जाती है, सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड वाहन बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन जाते हैं और नदियों से निकाली जा रही बालू खेतों की उर्वरता को प्रभावित करती है।
रात का सन्नाटा अब मशीनों से नहीं टूटेगा
बैठक में रात के समय क्रशर संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का मानना है कि रात में होने वाली गतिविधियां सबसे ज्यादा अवैध होती हैं और इन्हीं से आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। औचक निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमों का उल्लंघन न हो।
12 एफआईआर, लेकिन संदेश साफ
दिसंबर महीने में 12 एफआईआर दर्ज होना यह बताता है कि कार्रवाई शुरू हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि एक संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। अवैध खनन से जुड़े लोगों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लीज खत्म, खनन भी खत्म
कई बार खनन लीज खत्म होने के बाद भी चोरी-छिपे खनन जारी रहता है। DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लीज की अवधि पर नजर रखी जाए और समय खत्म होते ही खनन पूरी तरह बंद कराया जाए। यह कदम प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अहम माना जा रहा है।
चेकपोस्ट से लेकर थाने तक सतर्कता
चेकपोस्टों पर रोशनी, पेयजल और सीसीटीवी की व्यवस्था सिर्फ अधिकारियों के लिए नहीं, बल्कि उन कर्मियों के लिए भी जरूरी है जो दिन-रात निगरानी करते हैं। वहीं, थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी जिम्मेदारी लेने को कहा गया है।
जीरो टॉलरेंस, क्योंकि दांव पर है भविष्य
एसपी निधि द्विवेदी ने भी साफ कर दिया कि लापरवाही या मिलीभगत किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। यह सख्ती सिर्फ कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि उस भरोसे को मजबूत करने के लिए है, जो आम जनता प्रशासन से करती है।
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