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Ramgarh : हजारीबाग रेंज के DIG अंजनी कुमार झा जब आज रामगढ़ पहुंचे, तो स्वागत के बाद सीधे उस मुद्दे पर बात हुई जो पिछले कुछ महीनों से लोगों के बीच डर की वजह बना हुआ था, यानी संगठित अपराध। बैठक में माहौल अलग था। कागजों से ज्यादा चर्चा जमीन की हकीकत पर हुई। जनवरी 2026 से अब तक हुई फायरिंग, आगजनी, पोस्टरबाजी और धमकी कॉल जैसे मामलों को एक-एक कर खंगाला गया। हर थाना प्रभारी और जांच अधिकारी से सीधे सवाल हुए कि केस कहां अटका है और आगे क्या किया जा रहा है।
डर का माहौल तोड़ने की कोशिश
रामगढ़ और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से व्यवसायियों और संवेदकों को धमकी देने की घटनाएं सामने आई थीं। पोस्टर लगाकर डराने और फोन कॉल के जरिए दबाव बनाने की कोशिशें भी हुईं। DIG ने साफ कहा कि अब इस डर को खत्म करना पुलिस की जिम्मेदारी है। अगर किसी को धमकी मिलती है, तो तुरंत केस दर्ज हो और कार्रवाई दिखनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर था कि शिकायत आने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया तेज और ठोस होनी चाहिए।
गैंग के ‘इनसाइड नेटवर्क’ पर भी नजर
सिर्फ बाहर से दिखने वाले अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि उन लोगों पर भी फोकस किया गया जो अंदर से गैंग को जानकारी पहुंचाते हैं। बैठक में कहा गया कि ऐसे लोकल लिंक को चिन्हित करना जरूरी है। कई बार यही लोग गैंग की ताकत बनते हैं। अब इन पर भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।
हर दिन बदलेगा पुलिस का तरीका
DIG ने पुलिस को एक ही जगह या एक ही समय पर चेकिंग करने से बचने को कहा। निर्देश दिया गया कि रोज समय और जगह बदलकर एंटी क्राइम चेकिंग की जाए। इसका मकसद साफ है कि अपराधी पुलिस की रणनीति समझ न सकें। साथ ही हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखने के लिए रक्षक ऐप में एंट्री अनिवार्य की गई है।
जेल से बाहर आए अपराधियों पर खास नजर
बैठक में एक अहम मुद्दा उन अपराधियों का भी रहा जो जेल से बाहर आ चुके हैं या जमानत पर हैं। डीआईजी ने कहा कि ऐसे लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की जाए। इसके लिए e-prison जैसे सिस्टम का इस्तेमाल कर उनकी स्थिति पर अपडेट रहने को कहा गया।
कुर्की जब्ती और तेज ट्रायल पर जोर
पुलिस को यह भी निर्देश दिया गया कि संगठित गिरोह के अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई तेज की जाए। साथ ही जिन मामलों में आरोपी पकड़े जा चुके हैं, उनमें जल्दी ट्रायल कराकर सजा दिलाने पर जोर दिया गया। डीआईजी का मानना है कि जब सजा जल्दी मिलेगी, तभी अपराधियों में डर पैदा होगा।
तकनीक के सहारे सुरक्षा मजबूत करने की योजना
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई निर्देश दिए गए। थाना क्षेत्रों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर स्लाइडिंग बैरियर और सीसीटीवी लगाने की बात कही गई। संदिग्ध वाहनों की सख्ती से जांच और ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों पर कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया। इसके अलावा जहां बड़े प्रोजेक्ट या विकास कार्य चल रहे हैं, वहां अतिरिक्त सुरक्षा और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस की नई तैयारी, अपराधियों के लिए चेतावनी
इस पूरी बैठक के बाद एक बात साफ हो गई है कि रामगढ़ पुलिस अब रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव तरीके से काम करने की तैयारी में है। गैंग का डाटाबेस तैयार करने से लेकर इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने तक, हर स्तर पर काम तेज करने की बात हुई है। लोगों के बीच भी उम्मीद जगी है कि अगर ये निर्देश जमीन पर उतरे, तो आने वाले दिनों में इलाके में अपराध का ग्राफ नीचे जा सकता है। वहीं अपराधियों के लिए यह सीधा संकेत है कि अब बच निकलना आसान नहीं होगा।
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