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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के भुरकुंडा रेलवे स्टेशन साइडिंग में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में ट्रक चालक की मौत हो गई। पेलोडर के अगले पहिए के नीचे दब जाने से चालक का सिर बुरी तरह कुचल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे साइडिंग क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। वहीं हादसे को लेकर रेलवे साइडिंग प्रबंधन और वहां मौजूद कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
काम के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय जितेंद्र नायक के रूप में हुई है। वह बरकाकाना क्षेत्र के बुजुर्ग जमीरा ओपी इलाके का निवासी था और भुरकुंडा रेलवे स्टेशन साइडिंग में चालक के रूप में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि दोपहर में भोजन करने के बाद वह अपने काम पर लौटा था। इसी दौरान करीब तीन बजे साइडिंग में एक पेलोडर मशीन को आगे बढ़ाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेलोडर चालक ने जैसे ही वाहन आगे बढ़ाया, उसका अगला पहिया जितेंद्र नायक के सिर पर चढ़ गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों ने शोर मचाकर पेलोडर चालक को वाहन रोकने को कहा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद साइडिंग में काम कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत भदानीनगर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर कार्यस्थल पर पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
मौत की गुत्थी उलझी, कई सवाल खड़े
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर चालक जितेंद्र नायक पेलोडर के इतने करीब कैसे पहुंच गया। यदि वह अपनी ड्यूटी पर था तो अपनी गाड़ी छोड़कर पेलोडर के पास क्यों गया था। वहीं दूसरी ओर सवाल यह भी है कि अगर वह पेलोडर के नजदीक मौजूद था तो चालक की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। घटना के बाद इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं। यही वजह है कि हादसा अब सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि जांच का विषय भी बनता जा रहा है।
देर से मिली परिजनों को जानकारी
मृतक की बेटी पूजा नायक ने बताया कि उनके पिता भुरकुंडा रेलवे साइडिंग में चालक के रूप में काम करते थे। परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वे रोज की तरह काम पर गए थे। पूजा ने बताया कि हादसे की जानकारी परिवार को काफी देर बाद मिली। जब उनकी मां ने जितेंद्र नायक के मोबाइल पर फोन किया तब भदानीनगर पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल आने के लिए कहा। इसके बाद परिवार को हादसे की जानकारी मिली। परिजनों का कहना है कि यदि वे फोन नहीं करते तो उन्हें घटना की सूचना और भी देर से मिलती। ऐसे में परिवार के लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर दुर्घटना के बाद साइडिंग प्रबंधन ने तुरंत परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी।
पुलिस ने क्या कहा
भदानीनगर पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं तो मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल यह हादसा कई सवाल छोड़ गया है। कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी, पेलोडर चालक की भूमिका क्या रही और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ, इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। वहीं एक मेहनतकश चालक की अचानक हुई मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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