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Jamshedpur : जमशेदपुर में उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ बीती देर रात पुलिस की मुठभेड़ हो गई। यह घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पास रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई। इस दौरान बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन अपराधियों के पैर में गोली लगी।
हथियार बरामदगी के दौरान हुआ हमला
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने मीडिया को बताया कि पुलिस को पूछताछ के दौरान हथियारों की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर देर रात तीनों अपराधियों को लेकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। इसी दौरान अपराधियों ने एक कॉस्टेबल से कार्बाइन छीन ली और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
तीनों अपराधी हुए घायल
पुलिस की फायरिंग में तीनों अपराधियों के पैर में गोली लगी। घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है। तीनों बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्हें तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हथियार और कारतूस हुए बरामद
पुलिस ने अपराधियों के बताए गए स्थान से हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि अपराधियों के पास अवैध हथियार मौजूद थे। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
डीजीपी करेंगी मामले की समीक्षा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को डीजीपी तादाशा मिश्रा पूरे मामले पर आधिकारिक जानकारी दे सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।
13 जनवरी को हुआ था अपहरण
गौरतलब है कि 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का अपहरण हुआ था। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर 27 जनवरी को उन्हें सकुशल मुक्त कराया था। 14 दिन बाद उनकी सुरक्षित वापसी से परिवार और शहर ने राहत की सांस ली थी।
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अब तक इस मामले में करीब आधा दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद एमजीएम अस्पताल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
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