Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 26 February, 2026 • 08:36 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » खेत बनी ताकत, मेहनत बनी पहचान… बीना ने मिट्टी से उगा डाला ‘सोना’
Headlines

खेत बनी ताकत, मेहनत बनी पहचान… बीना ने मिट्टी से उगा डाला ‘सोना’

February 25, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
बीना
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ जिले के मुर्राम बारी गांव में सुबह का सूरज जैसे ही खेतों पर पड़ता है, ओस की बूंदों के बीच एक साड़ी में लिपटी महिला अपने खेत की मेड़ पर दिखाई देती है। हाथ में टोकरी, चेहरे पर सादगी और आंखों में आत्मविश्वास। ये हैं बीना देवी। उनके लिए खेती सिर्फ रोजी-रोटी नहीं है, यह उनकी पहचान है, उनका आत्मसम्मान है।

छोटकी लारी की बेटी, जिसने खेत को बनाया सहारा

बीना देवी का बचपन छोटकी लारी, कोरिया टाड़, माइल स्टेशन के पास बीता। गांव का जीवन, मिट्टी की खुशबू और खेतों की रौनक उनके साथ बचपन से रही। वे बताती हैं कि घर में ज्यादा साधन नहीं थे, लेकिन मेहनत की सीख जरूर थी। शादी के बाद जब वे मुर्राम बारी आईं, तो जिम्मेदारियां बढ़ गईं। नया घर, नया माहौल, सीमित आमदनी। कई बार खर्च और जरूरतों के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में उन्होंने तय किया कि हाथ पर हाथ रखकर बैठना समाधान नहीं है।

Advertisement Advertisement

जब गेंदा बना उम्मीद का फूल

उन्होंने घर के पास की जमीन में गेंदा फूल लगाने की सोची। लोगों ने कहा कि यह आसान नहीं है। लेकिन बीना देवी ने जोखिम लिया। बीज खरीदे, खुद खेत तैयार किया और पौधों की देखभाल शुरू की। धीरे-धीरे पौधे बड़े हुए और जब पहली बार खेत में पीले और नारंगी फूल खिले, तो वह दिन उनके लिए खास था। वे कहती हैं, “उस दिन लगा कि मेहनत रंग लाने लगी है।” त्योहारों और शादियों में गेंदा की मांग रहती है। आसपास के बाजारों में उनके फूल जाने लगे। कई लोग सीधे खेत पर आने लगे। फूलों की खुशबू के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।

सब्जियों से रोज की रसोई और कमाई

फूलों के साथ उन्होंने हरी सब्जियों की खेती भी शुरू की। पालक, मेथी, भिंडी, लौकी जैसी सब्जियां वे मौसम के हिसाब से उगाती हैं। सुबह-सुबह जब वे ताजी सब्जियां तोड़ती हैं, तो उनके चेहरे पर अलग ही सुकून होता है। वे कहती हैं, “सब्जी बेचने के बाद जब घर लौटती हूं और बच्चों के लिए कुछ अच्छा ला पाती हूं, तो थकान खुद ही उतर जाती है।” उनकी सब्जियों की ताजगी ने उन्हें गांव में अलग पहचान दिलाई है। लोग भरोसे से उनसे खरीदारी करते हैं।

मुश्किलों से सीखा, हार से नहीं

खेती में मौसम सबसे बड़ा इम्तिहान लेता है। कभी तेज बारिश, कभी सूखा, कभी कीटों का हमला। कई बार फसल खराब भी हुई। ऐसे समय में मन भी टूटा। लेकिन बीना देवी कहती हैं कि उन्होंने हर नुकसान से कुछ सीखा। अब वे बीज चुनने से लेकर सिंचाई तक हर कदम सोच-समझकर उठाती हैं। खर्च का हिसाब रखती हैं और बचत पर भी ध्यान देती हैं। परिवार का साथ भी उनकी ताकत है। घर के लोग मदद करते हैं, जिससे काम थोड़ा आसान हो जाता है।

गांव की महिलाओं के लिए उम्मीद

आज गांव की कई महिलाएं बीना देवी को देखकर प्रेरित होती हैं। वे उनसे पूछती हैं कि खेती कैसे शुरू करें, बाजार तक कैसे पहुंचें। बीना देवी खुलकर अपना अनुभव साझा करती हैं। उनका मानना है कि अगर गांव की महिलाओं को सही जानकारी और थोड़ा सहयोग मिल जाए, तो वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं।

खेत से निकली आत्मनिर्भरता की राह

बीना देवी की कहानी सिर्फ एक महिला किसान की कहानी नहीं है। यह उस हौसले की कहानी है जो हालात से बड़ा होता है। मुर्राम बारी के खेतों में खिले फूल और लहलहाती सब्जियां इस बात का सबूत हैं कि आत्मनिर्भरता दूर नहीं, बस एक कदम आगे है। जरूरत है मेहनत करने की, धैर्य रखने की और खुद पर भरोसा करने की। बीना देवी ने यह भरोसा कायम रखा, और आज उनकी कहानी गांव की पगडंडियों से निकलकर कई दिलों तक पहुंच रही है।

इसे भी पढ़ें : रंग और रोजे के मौसम में प्रशासन अलर्ट, खाद्य विभाग ने मारा छापा

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleरंग और रोजे के मौसम में प्रशासन अलर्ट, खाद्य विभाग ने मारा छापा
Next Article होली पर नहीं बिगड़ेगा माहौल, DC-SP ने कस ली है कमर

Related Posts

Headlines

रेलवे स्टेशन के पास चार बड़ी गाड़ियां जलकर राख… देखें वीडियो

February 26, 2026
Headlines

बिहार के इस बड़े शहर में आज 14 घंटे से ज्यादा गुल रहेगी बिजली

February 26, 2026
Headlines

मुंडा ढाबा के पास जवान लड़के को मिली दर्दनाक मौ’त, दूसरा लड़ रहा जिंदगी की जंग

February 25, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

रेलवे स्टेशन के पास चार बड़ी गाड़ियां जलकर राख… देखें वीडियो

February 26, 2026

बिहार के इस बड़े शहर में आज 14 घंटे से ज्यादा गुल रहेगी बिजली

February 26, 2026

राशिफल @ 26 फरवरी 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

February 26, 2026

मुंडा ढाबा के पास जवान लड़के को मिली दर्दनाक मौ’त, दूसरा लड़ रहा जिंदगी की जंग

February 25, 2026

वर्दी की हनक दिखा रहे ASI की SP ने निकाल दी हेकड़ी

February 25, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.