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Pakur (Jaydev Kumar) : होली का नाम सुनते ही चेहरे पर रंग, हाथों में गुलाल और दिल में खुशी उतर आती है। बच्चे पिचकारी की जिद करते हैं, घरों में गुझिया की खुशबू फैलने लगती है और बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। लेकिन इन रंगों के बीच एक और रंग है, जिम्मेदारी का। इसी जिम्मेदारी को याद दिलाने के लिए इस बार होली से पहले जिला प्रशासन और समाज एक साथ बैठे। जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में सिर्फ कानून व्यवस्था की बातें नहीं हुईं, बल्कि इस बात पर भी जोर दिया गया कि त्योहार की असली पहचान आपसी विश्वास और सम्मान है। डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी ने साफ कहा कि होली का मतलब किसी पर अपनी खुशी थोपना नहीं, बल्कि मिलकर खुश होना है।
अफवाहों से बचकर रखें त्योहार की मिठास
पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि छोटी सी अफवाह भी बड़े विवाद का रूप ले लेती है। एक गलत पोस्ट, एक भ्रामक वीडियो और माहौल बिगड़ जाता है। बैठक में इस चिंता को खुलकर रखा गया। डीसी मनीष कुमार ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर आई हर बात को सच मानकर आगे न बढ़ाएं। पहले पुष्टि करें, फिर साझा करें। उन्होंने कहा कि होली का रंग तभी तक अच्छा लगता है, जब तक वह रिश्तों को और गहरा करे। अगर रंग की आड़ में किसी की भावना आहत हो, तो त्योहार का मकसद ही खत्म हो जाता है।
जबरदस्ती नहीं, आपसी सहमति जरूरी
एसपी निधि द्विवेदी ने खास तौर पर युवाओं से बात की। उन्होंने कहा कि किसी को जबरन रंग लगाना, तेज और भड़काऊ गीत बजाना या नशे में हंगामा करना सही नहीं है। होली का आनंद तभी है जब सामने वाला भी उतनी ही खुशी से शामिल हो। उन्होंने यह भी बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। गश्ती दल लगातार सक्रिय रहेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुलिस हर गली में नहीं हो सकती, इसलिए समाज की सतर्कता सबसे बड़ी ताकत है।
बाजारों में रौनक, प्रशासन की नजर
होली से पहले बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। रंग, पिचकारी, मिठाई और तरह-तरह की चीजें बिक रही हैं। ऐसे में मिलावट की आशंका भी रहती है। प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो। अवैध शराब पर भी सख्ती के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नशा अक्सर झगड़े की वजह बनता है, इसलिए इस पर रोक जरूरी है।
हर हाल में मदद के लिए तैयार सिस्टम
त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि अगर कहीं कोई परेशानी हो तो लोग तुरंत सूचना दें, मदद पहुंचाई जाएगी।
त्योहार का असली रंग
बैठक के अंत में एक बात बार-बार दोहराई गई कि होली सिर्फ रंगों का नहीं, रिश्तों का त्योहार है। जब मोहल्ले का हर घर दूसरे घर में जाकर रंग लगाता है, जब बच्चे और बुजुर्ग एक साथ हंसते हैं, तभी होली पूरी होती है।
डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी ने लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन त्योहार को खूबसूरत बनाना समाज के हाथ में है। अगर सब मिलकर समझदारी दिखाएं, तो होली का हर रंग खुशियों से भरा होगा और पाकुड़ में एक बार फिर सौहार्द की मिसाल देखने को मिलेगी।
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