अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ की गलियों में इन दिनों अलग ही रौनक है। होली के रंग और रमज़ान की तैयारी साथ-साथ चल रही है। मिठाई की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है, तो घरों में पकवानों की लिस्ट बन रही है। ऐसे माहौल में लोगों के मन में एक चिंता भी रहती है, कहीं त्योहार की मिठास में मिलावट न घुल जाए। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए रामगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बाजार में उतरी। सिविल सर्जन सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों में औचक जांच की। यह सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उन परिवारों की सेहत से जुड़ा कदम था जो त्योहार पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए मिठाई लेकर घर लौटते हैं।
सुभाष चौक पर हलचल, दुकानों में अचानक पहुंची टीम
सुभाष चौक की मशहूर दुकानों में जब अधिकारी पहुंचे तो कुछ देर के लिए माहौल बदल गया। शालीमार स्वीट्स, प्रिया स्वीट्स और पूनम स्वीट्स समेत कई दुकानों में टीम ने बारीकी से जांच की। पेड़ा, पनीर, बूंदी लड्डू, खोया बर्फी और खुले खोया के नमूने लिए गए। एक ग्राहक, जो अपने बच्चों के लिए लड्डू खरीदने आए थे, ने कहा कि जांच से भरोसा बढ़ता है। त्योहार में हम अपने परिवार के लिए सबसे अच्छा चाहते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि बाजार में बिकने वाली चीजें सुरक्षित हों। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो संबंधित कारोबारियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

सिर्फ मिठाई नहीं, सफाई भी जांच के दायरे में
टीम ने सिर्फ मिठाइयों का स्वाद या रंग नहीं देखा, बल्कि दुकानों और रसोईघर की साफ-सफाई पर भी खास ध्यान दिया। पैक्ड सामान पर लेबल सही है या नहीं, एक्सपायरी डेट साफ लिखी है या नहीं, यह भी जांचा गया। दुकानदारों को समझाया गया कि एक्सपायरी सामान बेचना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ भी है। त्योहार में थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां फीकी कर सकती है।
होटल और रेस्टोरेंट को साफ संदेश
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को साफ निर्देश दिए गए कि रसोई में स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। नियमित पेस्ट कंट्रोल, साफ पानी का इस्तेमाल और कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई पर जोर दिया गया। एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर पहनकर काम करने की बात दोहराई गई। साथ ही कहा गया कि सिंथेटिक रंग और अनावश्यक रसायनों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रखें। त्योहार की चमक दिखाने के लिए कृत्रिम रंगों का सहारा लेना लोगों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
सेहत और भरोसे की रक्षा की कोशिश
इस अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अदिति सिंह, रामनाथ प्रसाद और लुकेश रवानी शामिल रहे। उनका कहना है कि त्योहार खुशियों का समय है, अस्पतालों की भीड़ बढ़ाने का नहीं। इसलिए बाजार में निगरानी जरूरी है।
इसे भी पढ़ें : पूर्व वार्ड पार्षद समेत पांच गिरफ्तार, हथियार भी जब्त… जानें मामला



