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Ranchi : झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम आखिरकार गुरुवार को जेल से बाहर आ गए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई और रिलीज ऑर्डर मिलते ही होटवार जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया। जैसे ही आलमगीर आलम जेल से बाहर निकले, बाहर इंतजार कर रहे परिवार और समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। पत्नी और विधायक निसात आलम ने उनका स्वागत किया। उनके पोते भी इस खास मौके पर मौजूद रहे।
जमानत के बाद खुला जेल से बाहर आने का रास्ता
आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अदालत से बेल ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद निचली अदालत में जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद रिलीज ऑर्डर जेल प्रशासन तक पहुंचा। सभी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को उन्हें होटवार जेल से रिहा कर दिया गया। करीब दो साल से जेल में बंद आलमगीर आलम के बाहर आने का इंतजार उनके परिवार और समर्थकों को लंबे समय से था। जैसे ही रिहाई की खबर पक्की हुई, समर्थक जेल के बाहर जुटने लगे।
जेल गेट पर भावुक पल, परिवार ने किया स्वागत
होटवार जेल के बाहर का माहौल काफी भावुक नजर आया। जेल से बाहर निकलते ही आलमगीर आलम की पत्नी निसात आलम ने उनका स्वागत किया। परिवार के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। लंबे समय बाद परिवार से मुलाकात का यह पल भावुक करने वाला रहा। समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। कई लोग उनके समर्थन में नारे लगाते नजर आए। जेल के बाहर कुछ देर तक उत्साह और हलचल का माहौल बना रहा।
गिरफ्तारी के बाद बदली थी सियासी तस्वीर
आलमगीर आलम की गिरफ्तारी ने झारखंड की राजनीति में बड़ी हलचल मचा दी थी। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था और यह मामला राज्य की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद अब उनकी रिहाई को राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि आगे आलमगीर आलम की भूमिका क्या होगी।
समर्थकों में खुशी, आगे की रणनीति पर नजर
आलमगीर आलम की रिहाई से उनके समर्थकों में साफ उत्साह दिख रहा है। कई समर्थकों का कहना है कि यह उनके लिए राहत की खबर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि वह आने वाले दिनों में सार्वजनिक तौर पर क्या बयान देते हैं और राजनीतिक रूप से कितने सक्रिय होते हैं। फिलहाल, गुरुवार का दिन उनके परिवार और समर्थकों के लिए राहत और खुशी लेकर आया।
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