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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : शाम का वक्त हो, बाजार में भीड़ हो, स्कूल-कॉलेज के बाहर युवाओं की आवाजाही हो या किसी चौक-चौराहे पर बेवजह जुटी भीड़। अब रामगढ़ में ऐसे नजारों के बीच पुलिस सिर्फ गाड़ी में गुजरती हुई नहीं दिखेगी, बल्कि पैदल चलते हुए लोगों के बीच नजर आएगी। जिले में अपराध पर लगाम लगाने, महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘प्रहरी’। यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि पुलिसिंग के तरीके में बदलाव की कोशिश मानी जा रही है। मकसद साफ है। क्राइम होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ऐसी मौजूदगी बनाना, जिससे क्राइम करने वालों के मन में डर और आम लोगों के मन में भरोसा पैदा हो।
अब सिर्फ गाड़ी की सायरन नहीं, पैदल दिखेगी पुलिस
अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि पुलिस की गाड़ियां तो गुजर जाती हैं, लेकिन मोहल्लों, बाजारों और संवेदनशील जगहों पर पुलिस की सीधी मौजूदगी कम दिखती है। इसी सोच को बदलने के लिए ‘प्रहरी’ के तहत पैदल गश्ती को अहम हिस्सा बनाया गया है। एसपी मुकेश लुनायत के अनुसार रामगढ़ जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में पुलिसकर्मी हफ्ते में कम से कम दो दिन तय रूट पर पैदल गश्ती करेंगे। इसके लिए जिले में 76 संवेदनशील मार्ग चुने गए हैं। ये वही इलाके हैं, जहां ट्रैफिक जाम, छेड़छाड़, अड्डेबाजी, अवैध पार्किंग या भीड़भाड़ की शिकायतें आती रही हैं। सोच यह है कि जब पुलिस पैदल लोगों के बीच होगी, तो छोटी-छोटी समस्याएं भी जल्दी सामने आएंगी और मौके पर ही समाधान की कोशिश हो सकेगी।
जिन गलियों में होती थी अड्डेबाजी, अब वहां पहुंचेगी पुलिस
हर शहर में कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जहां शाम होते ही कुछ लोगों का जमावड़ा लगने लगता है। कहीं नशे का धंधा, कहीं हुड़दंग, तो कहीं राह चलते लोगों को परेशान करने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। रामगढ़ पुलिस ने ऐसे 114 अड्डेबाजी वाले स्थानों की पहचान की है। इन जगहों को पांच हिस्सों में बांटकर छापेमारी की योजना बनाई गई है। थाना पुलिस, पीसीआर और पैंथर मोबाइल की टीम लगातार कार्रवाई करेगी। एसपी का साफ संदेश है कि अब सिर्फ समझाया नहीं जायेगा, जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी होगी। गुंडा लिस्ट में नाम दर्ज करने तक की तैयारी है।
महिलाओं की सुरक्षा पर खास नजर
इस पहल का एक अहम पहलू महिलाओं की सुरक्षा भी है। स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों में छेड़छाड़ की शिकायतें अक्सर आती हैं। ऐसे इलाकों को गश्ती रूट में शामिल किया गया है। इसका असर सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के आत्मविश्वास पर भी पड़ सकता है। जब रास्ते में पुलिस की मौजूदगी दिखेगी, तो सुरक्षा का एहसास स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा।
ट्रैफिक की अव्यवस्था पर भी सख्ती
रामगढ़ के कई हिस्सों में अवैध पार्किंग और बेतरतीब ट्रैफिक आम परेशानी है। बाजारों में कई बार जाम की वजह सिर्फ गलत तरीके से खड़ी गाड़ियां बनती हैं। ‘प्रहरी’ अभियान में इसे भी शामिल किया गया है। 69 जगहों पर एंटी क्राइम चेकिंग होगी। दिन में कम से कम तीन बार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें रैश ड्राइविंग, संदिग्ध गतिविधियों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रहेगी।
जनता भी बनेगी इस अभियान की साझेदार
इस पहल की खास बात यह है कि पुलिस सिर्फ अपने स्तर पर काम नहीं करना चाहती, बल्कि आम लोगों को भी इसमें शामिल करना चाहती है। अड्डेबाजी या सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9262998529 जारी किया गया है। यानी अगर आपके इलाके में कोई ऐसी जगह है जहां हर दिन समस्या खड़ी होती है, तो अब शिकायत दर्ज कराने का रास्ता सीधा है।
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