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Ranchi : राजधानी रांची में एक दौर ऐसा भी था जब शहर की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पूर्व आईपीएस अधिकारी विद्यानंद मिश्र के कंधों पर थी। 1980 के दशक में रांची के सिटी एसपी रहे विद्यानंद मिश्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। 82 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे और रांची के ऑर्किड हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। कई वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्हें जानने वाले लोग उन्हें एक सख्त, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में याद कर रहे हैं।
बीमारी से जूझ रहे थे, अस्पताल में चल रहा था इलाज
बेटे दीपक मिश्र के मुताबिक विद्यानंद मिश्र की तबीयत पिछले कुछ समय से लगातार खराब थी। उम्र संबंधी और लीवर जनित जटिल परेशानियों के कारण उन्हें ऑर्किड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आखिरकार उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, परिचित, पूर्व पुलिस अधिकारी और शहर के कई गणमान्य लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे।
रांची के पुराने पुलिस अधिकारियों में थी खास पहचान
विद्यानंद मिश्र उन अधिकारियों में शामिल थे जिन्होंने उस दौर में पुलिस सेवा दी, जब रांची तेजी से बदल रहा था और कानून व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती मानी जाती थी। सिटी एसपी के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विद्यानंद मिश्र अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते थे। कानून के मामलों में उनकी पकड़ मजबूत थी और फैसले लेने में वह निष्पक्ष माने जाते थे। इसी वजह से विभाग में उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता था।
डीआईजी रैंक से हुए थे रिटायर
लंबे प्रशासनिक जीवन में उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया। अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों और इकाइयों में जिम्मेदारियां संभाली। बाद में वह डीआईजी रैंक से रिटायर हुए। रिटायरमेंट के बाद भी उनका संपर्क सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र के लोगों से बना रहा।
दरभंगा के हरिहरपुर गांव से था नाता
विद्यानंद मिश्र मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के हरिहरपुर गांव के निवासी थे। नौकरी के दौरान उन्होंने बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में अपनी सेवाएं दीं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने रांची को ही अपना स्थायी ठिकाना बना लिया था। वह मोरहाबादी स्थित कुसुम विहार में परिवार के साथ रह रहे थे। उनके बेटे दीपक मिश्र पत्रकारिता से जुड़े हैं और एक समाचार पत्र में कार्यरत हैं।
आज निकलेगी अंतिम यात्रा
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार विद्यानंद मिश्र की अंतिम यात्रा सोमवार दिन के 11 बजे मोरहाबादी के कुसुम विहार स्थित आवास से निकलेगी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार हरमू मुक्तिधाम में किया जाएगा। अंतिम यात्रा में पुलिस विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।
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