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Ranchi (Pawan Thakur) : सुबह के करीब 9:30 बजे हैं। लोवाडीह की चौड़ी, चमचमाती चार-लेन सड़क पर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ रही हैं। सड़क के एक किनारे खड़े छोटे-छोटे बच्चे अपने बैग संभाले सड़क पार करने की कोशिश में इधर-उधर देख रहे हैं। उनके साथ खड़े अभिभावकों की नजर हर आती-जाती गाड़ी पर टिकी है… कब रास्ता मिले और वे अपने बच्चों को सुरक्षित स्कूल तक पहुंचा सकें। यही रोज का नजारा है इस इलाके का, जहां एक ही सड़क के दोनों ओर चार बड़े स्कूल मौजूद हैं। इनमें सेंट फ्रांसिस स्कूल, सामलोंग, असिसी हाई स्कूल और दूसरी ओर कार्मेल स्कूल (इंग्लिश और हिंदी मीडियम) शामिल हैं। लेकिन विडंबना यह है कि जहां बच्चों की इतनी आवाजाही है, वहां उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम अब तक नदारद हैं।
हर सुबह एक ‘जंग’
यहां रहने वाली एक महिला अभिभावक बताती हैं, “हम रोज बच्चों को लेकर सड़क पार करते हैं, लेकिन दिल धड़कता रहता है। गाड़ियां इतनी तेज आती हैं कि समझ नहीं आता कब निकलें। कई बार तो हम वापस पीछे हट जाते हैं।” बच्चों के लिए भी यह कोई आसान बात नहीं। कक्षा पांच में पढ़ने वाला एक छात्र कहता है, “हम लोग पहले दूर से देखते हैं कि गाड़ी आ रही है या नहीं, फिर जल्दी-जल्दी भागकर सड़क पार करते हैं।”

स्कूल टाइम में बढ़ जाता है खतरा
सुबह स्कूल खुलने और दोपहर में छुट्टी के वक्त यहां हालात सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। सैकड़ों बच्चे, उनके माता-पिता और स्कूल स्टाफ एक साथ सड़क पार करते हैं। ऐसे में अगर एक भी वाहन तेज रफ्तार में आ जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय समाजसेवी जोसेफ बताते हैं, “हम रोज देखते हैं, लोग किसी तरह जान बचाकर सड़क पार करते हैं। कई बार गाड़ियां अचानक ब्रेक लगाती हैं, तो दिल दहल जाता है।”

‘कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा’
इलाके के लोगों में एक ही डर है… कहीं देर न हो जाए। उनका कहना है कि अभी तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, यह सिर्फ किस्मत की बात है। अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्कूल प्रबंधन ने उठाई आवाज
इसी चिंता को देखते हुए सेंट फ्रांसिस स्कूल, सामलोंग के मैनेजर ब्रदर जॉर्ज एंथिंकुलंगारा ने सड़क निर्माण विभाग को पत्र लिखकर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूलों के पास उचित दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने से वाहनों की रफ्तार कम होगी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

छोटा कदम, बड़ा असर
कुछ प्रबुद्ध लोगों का भी मानना है कि स्कूल जोन में स्पीड कंट्रोल के उपाय बेहद जरूरी होते हैं। स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक संकेत जैसे छोटे-छोटे कदम बड़े हादसों को टाल सकते हैं।
उम्मीद अब प्रशासन से
लोवाडीह के लोग अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें भरोसा है कि उनकी इस चिंता को समझा जाएगा और जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। क्योंकि यहां हर दिन सिर्फ बच्चे स्कूल नहीं जाते, हर दिन उनके साथ उनके परिवारों की उम्मीदें, सपने और एक छोटी सी दुआ भी सड़क पार करती है… कि वे सुरक्षित लौट आएं।

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