अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Giridih : गिरिडीह जिले के तिसरी थाना इलाके से अगवा किए गए एचएन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी मंगेश कुमार की हत्या कर दी गई है। मंगलवार की सुबह पुलिस ने उनका शव बिहार के जमुई जिले के चर्कापत्थर थाना क्षेत्र स्थित घने जंगलों से बरामद किया। मंगेश मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे और तिसरी में सड़क निर्माण कंपनी के काम की देखरेख कर रहे थे। पिछले हफ्ते खटपोक के कर्णपुरा मोड़ के पास से अज्ञात बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था। इसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में लगातार खाक छान रही थी, लेकिन मंगलवार को आई इस खबर ने परिजनों की सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
जमुई के बीहड़ में चला सर्च ऑपरेशन, पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर मिला शव
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई थी। तिसरी थाना पुलिस ने जमुई पुलिस से संपर्क साधा और दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर चर्कापत्थर के बीहड़ जंगलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने अपहरण कांड से जुड़े एक आरोपी को धर दबोचा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच उगल दिया। आरोपी की ही निशानदेही पर पुलिस टीम जंगल के अंदर उस सुनसान जगह तक पहुंची, जहां मंगेश का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया।
बालू सप्लाई के विवाद में हत्या की आशंका, पांच लोगों से पूछताछ जारी
मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चार अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। सभी पांचों लोगों को किसी गोपनीय जगह पर रखकर लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती छानबीन और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके के कुछ रसूखदार लोग मंगेश पर कंस्ट्रक्शन साइट पर बालू गिराने का ठेका देने का दबाव बना रहे थे। मंगेश ने उनकी यह बात मानने से साफ इनकार कर दिया था, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी चल रही थी। आशंका है कि इसी रंजिश में पहले उनका अपहरण किया गया और फिर गला घोंटकर या पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि मुंशी का शव बरामद कर लिया गया है और हिरासत में लिए गए लोगों से अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें हर तकनीकी और मैदानी पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और हत्या में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
इसे भी पढ़ें : JSSC-CGL नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाया ब्रेक, 99 कर्मियों को राहत

