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Ranchi : राजधानी रांची में सरकारी खजाने पर डाका डालने का बड़ा मामला सामने आया है। पशुपालन विभाग के तहत कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन में करीब 3 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी का खुलासा हुआ है। मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और कोतवाली थाना में केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुआ मामला
बताया जा रहा है कि रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री को इस गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया कि ट्रेजरी के जरिए पैसे निकालने में गड़बड़ी की गई है। फर्जी बिल बनाए गए, कागजों में हेरफेर की गई और धीरे-धीरे करोड़ों रुपये निकाल लिए गए।
दो कर्मियों पर सबसे ज्यादा शक
जांच में दो नाम सामने आए हैं। अकाउंटेंट मुनिन्द्र कुमार और संजीव कुमार। आरोप है कि मुनिन्द्र कुमार ने अपने दो खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। वहीं संजीव कुमार के खाते में करीब 1.41 करोड़ रुपये गए। दोनों ने मिलकर इस पूरे खेल को अंजाम दिया, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
कुबेर पोर्टल से किया खेल
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कुबेर पोर्टल पर वेतन बिल में ही गड़बड़ी की। अपने वेतन को ज्यादा दिखाया और उसी आधार पर सरकारी खजाने से ज्यादा पैसे निकाल लिए। यह काम एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 तक लगातार चलता रहा।
जांच में क्या मिला
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई थी। 13 अप्रैल को टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट करीब 67 पन्नों की है, जिसमें पूरे खेल का ब्यौरा दिया गया है। इसमें साफ लिखा है कि दोनों कर्मियों ने मिलकर नियमों को नजरअंदाज किया और सरकारी पैसे का गबन किया।
अब आगे क्या
कार्यकारी मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने कोतवाली थाना को पत्र लिखकर दोनों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और दोनों से पूछताछ जारी है। साथ ही विभाग के बाकी दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ेगी और जरूरत पड़ी तो और लोगों पर भी कार्रवाई होगी। फिलहाल इस मामले ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
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