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Varanashi : माघ मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक यानी इस साल 19 जनवरी से 27 जनवरी तक गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित अनुराग तिवारी बताते हैं कि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग, किष्टुघ्न करण और सर्वार्थसिद्धि योग के संयोग से यह नवरात्रि विशेष फलदायी मानी जाती है। इस समय हर घर में एक अलग तरह की उत्सुकता और आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस होती है। लोग न केवल मां दुर्गा की आराधना करते हैं बल्कि अपने मन और घर को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त करने की कोशिश भी करते हैं।
गुप्त साधना और शांति की चाह
गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र साधना और गुप्त रूप से पूजा करने का महत्व है। पंडित अनुराग तिवारी बताते हैं कि इस दौरान शतचंडी, सहस्रचंडी और लक्षचंडी जैसे अनुष्ठान करने से व्यक्ति की इच्छाओं की पूर्ति होती है। लोग कहते हैं कि आरती में कपूर और लवंग डालने से घर और मन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
कलश स्थापना और विधिपूर्वक पाठ
जैसे आश्विन और चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना होती है, वैसे ही गुप्त नवरात्रि में भी घरों और मंदिरों में कलश स्थापना कर विधि-विधान से पाठ और पूजा होती है। यह साधना गुप्त रूप से करने पर अधिक प्रभावकारी मानी जाती है।
वसंत पंचमी और सरस्वती पूजन का संगम
इस बार गुप्त नवरात्रि के दौरान वसंत पंचमी भी पड़ रही है, जो 23 जनवरी शुक्रवार को है। इसे श्रीपंचमी या वाणी पूजा भी कहते हैं। इस दिन मां सरस्वती का पूजन विशेष रूप से किया जाता है। बच्चे अपनी शिक्षा आरंभ करते हैं और पुस्तक, कलम तथा विद्या से संबंधित वस्तुओं का दान किया जाता है। आम्र मंजरी और मिश्री अर्पित कर बच्चों को प्रसाद देने की परंपरा है।
पीला रंग, फूल और उम्मीदें
वसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनने, पीले फूल चढ़ाने और मिठाई अर्पित करने की परंपरा है। यह न केवल त्योहार को खूबसूरत बनाता है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। प्रातः स्नान करके मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाना, हल्दी-कुमकुम अर्पित करना और विद्या मंत्र का जाप करना बच्चों और परिवारों में उत्साह और विश्वास जगाता है। गुप्त नवरात्रि केवल साधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह घर-परिवार में उम्मीद, शांति और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का समय भी है। यह समय हमें याद दिलाता है कि आध्यात्मिकता केवल रीतियों तक सीमित नहीं, बल्कि मन और कर्म की शुद्धि से भी जुड़ी होती है।
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