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Ranchi : झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की आदर्श परंपराओं, संवाद, सहमति और सहभागिता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अध्यक्ष महतो ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ बहुमत का शासन नहीं, बल्कि अल्पमत की भी समान भागीदारी सुनिश्चित करता है। उन्होंने सदन को स्वस्थ बहस, रचनात्मक आलोचना और विचार-विमर्श का मंच बनाने की अपील की।
सत्र में होंगे कुल पांच कार्यदिवस
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मानसून सत्र 7 अगस्त तक चलेगा। इसमें कुल पांच कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं:
- 4 अगस्त: वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
- 5 अगस्त: प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा।
- 6 अगस्त: प्रश्नकाल और राजकीय विधेयकों पर विचार।
- 7 अगस्त: प्रश्नकाल के बाद विधेयकों और गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा।
शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की कामना
अध्यक्ष ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्वस्थता का जिक्र करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का झारखंड की राजनीति में योगदान अतुलनीय रहा है।
सभापति और कार्यमंत्रणा समिति के नामों की घोषणा
अध्यक्ष महतो ने मानसून सत्र के लिए सभापतियों के नामों की घोषणा की, जिनमें स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव शामिल हैं।
इसके अलावा कार्यमंत्रणा समिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राधाकृष्ण किशोर, बाबूलाल मरांडी, सरयू राय, निरल पूर्ति और अरूप चटर्जी को सदस्य बनाया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में दीपक बिरूआ, मथुरा महतो, प्रदीप यादव, सीपी सिंह, स्टीफन मरांडी, सुरेश पासवान, बसंत सोरेन, कल्पना सोरेन मुर्मू, नीरा यादव, नवीन जायसवाल, जयराम महतो सहित अन्य शामिल हैं।
अध्यक्ष ने यह भी बताया कि इस सत्र में विपक्ष को मुख्य सचेतक और दो सचेतक मिल रहे हैं, जो सदन में संवाद और समन्वय को मजबूत करेंगे।
पूर्व सांसदों, विधायकों और विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें देश और राज्य की कई प्रमुख हस्तियों के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। इनमें पूर्व सांसद चंद्रशेखर सिंह, तिलकधारी सिंह, पूर्व विधायक ओमीलाल आजाद, ज्योतिंद्र प्रसाद, युगल किशोर पांडेय, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कस्तूरीरंगन, डॉ. शोभा चक्रवर्ती, हॉकी कोच प्रतिमा बरवा शामिल रहे। इसके अलावा अहमदाबाद विमान हादसे और पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति भी शोक व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं ने इन विभूतियों के योगदान को याद किया। सदन में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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