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New Delhi : मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली में जमकर बवाल हुआ। दिनभर चले विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने तीन हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के 45 मेट्रो स्टेशन आज रात 10 बजे तक के लिए बंद कर दिए गए हैं, जबकि कई इलाकों में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी ठप कर दी गईं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है।
मेट्रो बंद होने से थमी रफ्तार, कोर्ट से सीजेपी को झटका
विरोध प्रदर्शनों के चलते दिल्ली की रफ्तार पूरी तरह थम गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा कारणों से शुक्रवार रात से बंद 45 स्टेशनों को शनिवार रात 10 बजे तक बंद रखने का फैसला किया। डीएमआरसी के मुताबिक, रात में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और हालात सामान्य होने पर ही इन स्टेशनों को खोला जाएगा। उधर, सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने घर में नजरबंद किए जाने और पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने को लेकर साकेत कोर्ट में अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। हालांकि शाम होते-होते पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। इसी बीच जंतर-मंतर की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के दौरान ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर बजरंग जाधव घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
भाजपा का तीखा पलटवार: हार की खीझ सड़क पर उतार रहा विपक्ष
दिल्ली के हालात पर भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता से नकारे गए नेता दिल्ली को अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार मिल रही चुनावी हार का गुस्सा आम लोगों, दफ्तर जाने वालों और मरीजों पर क्यों निकाला जा रहा है। वहीं भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा कि देश सड़क से नहीं बल्कि संसद से चलेगा। उन्होंने हालिया चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने विकास को चुना है और विपक्ष की इस हताशा को खारिज कर दिया है। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करके देश को कमजोर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
विपक्ष का जवाब : सरकार डरी हुई है और यह डर अच्छा है
दूसरी तरफ विपक्ष ने केंद्र और दिल्ली प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं। पहले आंदोलनकारी सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करते थे, लेकिन अब सरकार खुद ही सड़कें खोदकर, कीलें बिछाकर और बस-मेट्रो रोककर चक्का जाम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बुरी तरह डरी हुई है और उसका यह डर लोकतंत्र के लिए अच्छा है। इसी तनाव के बीच आईएनए मार्केट से इंडिया गेट तक आइसा का एक और मार्च भी निकाला गया। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दे दी गई है और अब फैसला उन पर है कि वे आंदोलन में बने रहना चाहते हैं या अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
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