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Ranchi : झारखंड में बिजली कटने के बाद अब उपभोक्ताओं को अंधेरे में नहीं बैठना पड़ेगा और न ही फ्यूज कॉल सेंटर के चक्कर काटने पड़ेंगे। बिजली गुल होने की वजह और उसके लौटने का सही समय अब सीधे आपके मोबाइल पर पहुंचेगा। ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी और जेबीवीएनएल के एमडी के. श्रीनिवासन की पहल पर निगम ने डिवीजन स्तर पर वाट्सएप चैनल की शुरुआत कर दी है। राजधानी रांची के छह डिवीजनों से इस नई व्यवस्था का आगाज हो चुका है। इसके बाद धनबाद, जमशेदपुर और फिर चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य के 44 डिवीजनों को इस नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। इस नई पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब बिजली जाने पर कंट्रोल रूम में फोन घनघनाने की झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
अफसरों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, तय होगी सीधी जवाबदेही
अब तक बिजली जाते ही आम उपभोक्ता परेशान होकर लाइनमैन या मिस्त्री को फोन मिलाते रहते थे, लेकिन अक्सर उन्हें कोई सही जानकारी नहीं मिलती थी। स्थानीय स्तर पर बिना बताए बिजली काट देने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। नई व्यवस्था में इस मनमानी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। अब कोई भी जूनियर इंजीनियर अपनी मर्जी से लाइन बंद नहीं कर पाएगा। 33 केवी या 11 केवी फीडर में किसी भी तय मरम्मत या काम के लिए पहले कार्यपालक अभियंता से लिखित मंजूरी लेनी होगी। अगर कहीं कोई अचानक खराबी, दुर्घटना या आपात स्थिति आती है, तो तत्काल लाइन काटने की छूट तो रहेगी, लेकिन उसका सटीक कारण और बिजली लौटने का समय तुरंत चैनल पर पोस्ट करना अनिवार्य होगा।
मुख्यालय से होगी लाइव निगरानी, थ्री-प्वाइंट अलर्ट से मिलेगी राहत
इस व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी इसकी आंतरिक निगरानी है। इन वाट्सएप चैनलों पर सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि फील्ड इंजीनियरों से लेकर मुख्यालय में बैठे बड़े अफसर तक सीधे जुड़े रहेंगे। जैसे ही किसी इलाके में बिजली कटने का मैसेज पोस्ट होगा, आला अधिकारियों को तुरंत पता चल जाएगा कि किस फीडर में क्या दिक्कत आई है। चैनल पर आने वाले हर अलर्ट में तीन बातें साफ लिखी होंगी: बिजली कटने का कारण, कौन सा इलाका प्रभावित है और लाइन कब तक चालू होगी। तय समय से ज्यादा देर तक बिजली गुल रहने पर मुख्यालय सीधे संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करेगा। सार्वजनिक मंच पर जानकारी दर्ज होने से फील्ड कर्मचारियों पर समय पर काम निपटाने का दबाव भी रहेगा।
ऐसे जुड़ें अपने इलाके के चैनल से, पहले से कर सकेंगे जरूरी काम
बिजली गुल होने से पहले या खराबी के तुरंत बाद अपडेट पाने के लिए उपभोक्ताओं को अपने डिवीजन के वाट्सएप चैनल को फॉलो करना होगा। जैसे रांची ईस्ट के उपभोक्ता अपने वाट्सएप पर ‘Power Supply-Ranchi East Division’ नाम से चैनल खोजकर उससे जुड़ सकते हैं। इसी तरह रांची के ईस्ट, वेस्ट, डोरंडा, सेंट्रल, न्यू कैपिटल और कोकर डिवीजन के उपभोक्ता अपने-अपने इलाके का चैनल फॉलो कर सकते हैं। इससे किसी भी मरम्मत या कटौती की जानकारी पहले ही मिल जाएगी और लोग पानी भरने या अन्य जरूरी घरेलू कामों की योजना समय रहते बना सकेंगे।
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