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Home » झारखंड अब ATS सीधे CID के कंट्रोल में, DGP का आदेश जारी
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झारखंड अब ATS सीधे CID के कंट्रोल में, DGP का आदेश जारी

June 17, 2026No Comments2 Mins Read
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Ranchi : झारखंड एटीएस को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अब आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों पर काम करने वाली एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग यानी CID के अधीन काम करेगी। इस संबंध में राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। पुराने सभी निर्देश, जो एटीएस की कार्यप्रणाली को लेकर पहले जारी किए गए थे, उन्हें अब रद्द कर दिया गया है।

एटीएस का गठन और भूमिका

यहां याद दिला दें कि झारखंड में आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण के लिए साल 2015 में एटीएस का गठन किया गया था। इसका मुख्य काम आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखना, संदिग्ध लोगों की पहचान करना और उनकी गिरफ्तारी करना रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार की अधिसूचना के तहत एटीएस को संगठित अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने का भी अधिकार दिया गया था।

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अब CID के अधीन होगा पूरा काम

डीजीपी के आदेश के अनुसार अब एटीएस का पूरा प्रशासनिक, जांच और परिचालन काम CID के निर्देशन में होगा। यानी किसी भी केस की जांच, उसकी निगरानी और प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी CID की होगी। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि सभी मामलों का अनुसंधान अब CID की प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा। इसमें केस का प्रभार सौंपना, जांच अधिकारी तय करना और जांच की निगरानी शामिल है।

ATS की ऑपरेशनल भूमिका अलग रहेगी

हालांकि जांच और प्रशासनिक नियंत्रण CID के पास रहेगा, लेकिन ATS की फील्ड यूनिट अपनी भूमिका निभाती रहेगी। इसमें आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ना, स्लीपर सेल की पहचान करना और आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई करना शामिल होगा। इस तरह एटीएस के अधिकारी आईजी अभियान के निर्देशन में काम करेंगे।

गोपनीयता पर खास जोर

डीजीपी के आदेश में यह भी कहा गया है कि एटीएस को अपने कामकाज में उच्च स्तर की गोपनीयता बनाए रखनी होगी। क्योंकि यह इकाई राज्य की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील मामलों पर काम करती है।

इसे भी पढ़ें : कपड़े-साबुन मिले किनारे पर, युवक की तलाश में खंगाली जा रही बंद खदान

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