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News Samvad : रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का संभावित वैल्यूएशन 170 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। निवेश बैंकरों का मानना है कि इस स्तर पर जियो भारत की सबसे बड़ी दो या तीन कंपनियों में जगह बना सकती है। वर्तमान में भारती एयरटेल का वैल्यूएशन लगभग 12.7 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 143 अरब डॉलर है, जो जियो से कम है।
2006 के बाद रिलायंस की किसी यूनिट का पहला बड़ा आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आगामी आईपीओ, 2006 के बाद रिलायंस समूह से जुड़ी किसी बड़ी यूनिट की पहली सार्वजनिक पेशकश होगी। आखिरी बार 2006 में रिलायंस पेट्रोलियम को लिस्ट किया गया था। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, निवेश बैंकरों ने जियो के लिए 130 से 170 अरब डॉलर तक की वैल्यूएशन रेंज तय की है। फिलहाल इस पर चर्चाएं जारी हैं और अंतिम फैसला होना बाकी है।
ब्रोकरेज हाउस ने बढ़ाया वैल्यूएशन अनुमान
सितंबर 2027 में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की इक्विटी वैल्यू को अपग्रेड कर 148 अरब डॉलर कर दिया था। यह निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
मुकेश अंबानी ने दी थी संकेत
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त में कहा था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में आ सकता है।
उन्होंने 2019 से ही जियो के सार्वजनिक निर्गम की बात शुरू की थी। 2020 में मेटा (फेसबुक) और गूगल (अल्फाबेट) जैसी वैश्विक कंपनियों ने जियो में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया था।
जियो के ग्राहक और राजस्व की स्थिति
सितंबर 2025 के अंत तक जियो के पास लगभग 50.6 करोड़ ग्राहक थे। कंपनी का प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) 211.4 रुपये रहा। हालांकि, अब तक रिलायंस की ओर से जियो के वैल्यूएशन या आईपीओ को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
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