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Pakur (Jaydev Kumar) : आदिवासी अधिकार रक्षा मंच, पाकुड़ की ओर से गुरुवार को हिरणपुर बाजार में एक विशाल जनक्रोश महारैली का आयोजन किया गया। इस रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी पुरुष और महिलाएं शामिल हुईं। वे हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जोरदार नारेबाजी की।
आदिवासी समाज जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा माहौल
प्रदर्शनकारियों ने “कुर्मी महतो होश में आओ”, “अनुसूचित जनजाति की सूची में सेंधमारी बंद करो”, और “आदिवासी समाज जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। पूरा बाजार क्षेत्र इन नारों से गूंज उठा। रैली का माहौल उत्साह और एकजुटता से भरा हुआ था।
नेताओं ने दी सरकार को चेतावनी
मंच की अध्यक्षता रसका हेंब्रम, प्रोफेसर निर्मल मुर्मू और किशटू सोरेन ने की। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि अनुसूचित जनजाति की सूची में बाहरी जातियों को शामिल करने की साजिश को तुरंत रोका जाए।
पाकुड़ के हिरणपुर में आदिवासी समाज की हुंकार : “हमारी पहचान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” pic.twitter.com/Ug5r1HC0lU
— News Samvad (@newssamvaad) November 6, 2025
शांतिपूर्ण रैली, लेकिन गूंज गहरी
रैली शांतिपूर्वक समाप्त हुई, लेकिन आदिवासी समाज के आक्रोश की गूंज पूरे क्षेत्र में महसूस की गई। मंच के सदस्यों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
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