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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, CID की टीम ने उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी उनसे कई दौर में पूछताछ कर चुकी थी। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
28 जुलाई से लगातार हो रही थी पूछताछ
एल खियांग्ते अपने इस्तीफे के बाद से ही CID की जांच के घेरे में थे। जांच एजेंसी ने उनसे 28 जुलाई से लगातार पूछताछ शुरू की थी। इस दौरान अधिकारियों ने JPSC परीक्षा के संचालन से जुड़े कई अहम सवाल किए। CID ने यह जानने की कोशिश की कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया कैसे तय की गई थी, प्रश्नपत्र तैयार करने और उसे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था क्या थी और परीक्षा आयोजित कराने में किन लोगों की भूमिका थी। इसके अलावा आउटसोर्स एजेंसी के चयन को लेकर भी उनसे सवाल किए गए। आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर भी खियांग्ते से जानकारी ली गई। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही थी कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कहां से शुरू हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई।
सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में भी हुई थी तलाशी
मामले की जांच के दौरान CID की टीम ने रांची के कांके रोड स्थित एल खियांग्ते के सरकारी आवास पर भी तलाशी ली थी। इसके अलावा JPSC कार्यालय में भी जांच की गई थी। इस दौरान परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री खंगाली गई। जांच एजेंसी की कोशिश यह पता लगाने की है कि परीक्षा से संबंधित फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए थे। प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन और आउटसोर्स एजेंसी से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई है। CID यह भी देख रही है कि कथित अनियमितताओं में आयोग के अधिकारियों के अलावा बाहर के किसी व्यक्ति या एजेंसी की भूमिका थी या नहीं।
गिरफ्तारी के बाद 20 हुई आरोपियों की संख्या
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। एल खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 20 हो गई है। जांच एजेंसी अब परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी, उस समय आयोग में तैनात अधिकारियों और दूसरे संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि जांच में कई और अहम बातें सामने आ सकती हैं। CID यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किसी एक स्तर पर हुई या इसमें कई लोगों की भूमिका थी। इसके लिए पहले से जुटाए गए दस्तावेजों और पूछताछ के दौरान मिली जानकारी को आपस में मिलाया जा रहा है।
JPSC के तीन सदस्यों ने भी दिया इस्तीफा
इधर, JPSC विवाद के बीच आयोग के तीन और सदस्यों ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। इन तीनों सदस्यों को भी कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में CID ने पूछताछ के लिए नोटिस दिया था। अब इनके इस्तीफे से आयोग के भीतर चल रहे विवाद को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। छात्र संगठन और अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग करते रहे हैं। अब पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी और तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद पूरे मामले में जांच की दिशा और महत्वपूर्ण हो गई है।
आगे और लोगों से हो सकती है पूछताछ
एल खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद CID अब उनसे पूछताछ के आधार पर आगे की जांच बढ़ाएगी। एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि परीक्षा से जुड़े फैसले लेते समय कौन-कौन अधिकारी और दूसरे लोग संपर्क में थे। साथ ही आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका, प्रश्नपत्र से जुड़ी व्यवस्था और परीक्षा संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी दोबारा जांच की जा सकती है। अगर जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो उससे भी पूछताछ या आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में CID की अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
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