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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा के अटौला मेन रोड की एक मेडिकल एजेंसी ने लंबे समय तक शहरवासियों की जान से खेलते हुए बिना किसी लाइसेंस और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किया। सोमवार को SDO संजय कुमार की अचानक छापेमारी ने इस गोरख धंधे का पर्दाफाश किया।
थोक लाइसेंस में चल रहा “अवैध अस्पताल”
जांच में सामने आया कि एजेंसी के पास केवल दवाओं की थोक बिक्री का लाइसेंस था, लेकिन यहां धड़ल्ले से दवाओं की खुदरा बिक्री और मरीजों का इलाज हो रहा था। मौके पर कुछ मरीज भी थे, जो इस खतरनाक खेल के बीच फंस गए थे। SDO संजय कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में प्रयुक्त सिरिंज, खाली इंजेक्शन की शीशियां और इस्तेमाल हुई सुइयां बरामद हुईं। वहीं, एक बेड और ड्रिप स्टैंड भी पाया गया, जिससे यह साफ हुआ कि मरीजों का इलाज किया जा रहा था। मौके से “प्रेस्क्रिप्शन” लिखा संदिग्ध पर्चा भी मिला।
संचालक का दावा और स्थानीय फीडबैक
संचालक से उसकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन उसने कोई दस्तावेज नहीं दिखाया। उसका दावा था कि सभी कागजात जल गए हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि एजेंसी अनधिकृत रूप से इलाज और खून के नमूने लेने जैसी गतिविधियों में लिप्त थी।
एसडीओ ने दी चेतावनी
एसडीओ संजय कुमार ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह मामला नियमों के उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का है। फिलहाल एजेंसी को बंद कर ताला डलवा दिया गया है। सिविल सर्जन और औषधि निरीक्षक की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।” प्रशासन की इस कार्रवाई ने क्षेत्र के अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मचा दिया है। वहीं, मरीज और उनके परिजन अब सुरक्षित इलाज की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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