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Ranchi : सुबह की हल्की धूप, शांत वातावरण और बापू वाटिका में फैली गंभीरता। रांची का यह कोना महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कुछ देर के लिए मानो समय से बाहर ठहर गया। लोग आए, रुके और राष्ट्रपिता को याद कर चुपचाप नमन करते चले गए। इसी माहौल के बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बापू की प्रतिमा के सामने पहुंचीं। पुष्प अर्पित करते हुए उनके चेहरे पर सम्मान और जिम्मेदारी दोनों साफ झलक रहे थे। साथ में गवर्नर संतोष गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन भी मौजूद थे। तीनों ने मौन में बापू को श्रद्धांजलि दी।
सिर्फ इतिहास नहीं, आज की जरूरत हैं गांधी
श्रद्धांजलि के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सेवा के विचार किसी किताब या स्मारक तक सीमित नहीं हैं। ये आज भी समाज को जोड़ने की ताकत रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज में तनाव, असमानता और टकराव बढ़ रहा हो, तब गांधी के विचार और ज्यादा प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी बातों में राजनीति कम और चिंता ज्यादा थी। चिंता उस समाज की, जहां विकास के साथ मानवीय संवेदना को बचाए रखना जरूरी है।

गांव से जुड़ा गांधी का सपना
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि गांधी जी का सपना केवल आजादी तक सीमित नहीं था। उनका सपना था स्वराज और ग्राम स्वराज का। यही सोच आज पंचायती राज और ग्रामीण विकास की बुनियाद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गांवों को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उनके शब्दों में साफ था कि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनमें गांधी की सोच शामिल होगी।

एक संकल्प, जो हर पीढ़ी से जुड़ा है
कार्यक्रम के अंत में सिर्फ औपचारिकता नहीं थी। मौजूद लोगों ने यह संकल्प दोहराया कि गांधी के विचारों को केवल याद नहीं किया जाएगा, बल्कि जीवन में उतारने की कोशिश की जाएगी। बापू वाटिका से लौटते लोगों के चेहरों पर यही सवाल था कि क्या हम सच में गांधी को अपने रोजमर्रा के व्यवहार में जगह दे पा रहे हैं।
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