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Ramgarh : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) के निधन के बाद परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्राद्धकर्म निभा रहा है। इस दौरान उनकी बहू और विधायक कल्पना सोरेन हर दिन अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नजर आ रही हैं। वह श्राद्धकर्म की परंपरा के तहत गुरुजी की आत्मा को अर्पित करने के लिए पारंपरिक खाद्य सामग्री तैयार करती हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन सामग्रियों को गुरुजी की आत्मा को अर्पित करते हैं। यह प्रक्रिया रोजाना की जाती है और इसे पूरा करना श्राद्धकर्म का अहम हिस्सा है। मंगलवार को कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह ढेंकी से चावल कूटती हुई नजर आ रही हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा – “हमारे पारंपरिक विधान और रीति-रिवाज का अभिन्न हिस्सा है ढेंकी। वीर योद्धा दिशोम गुरु अमर रहें।”

बता दें कि 16 अगस्त को गुरुजी का श्राद्धकर्म आयोजित होगा। इस मौके पर राज्य और देशभर से लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भी इस बड़े आयोजन के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दी है।
शिबू सोरेन का निधन बीते चार अगस्त को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ था, जहां वह ब्रेन स्ट्रोक के बाद भर्ती थे। उनके निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। गुरुजी को झारखंड आंदोलन के महानायक और आदिवासी समाज के नेता के रूप में जाना जाता है। उनके जीवन और संघर्ष को याद करते हुए परिवार और समर्थक इन दिनों पारंपरिक विधि से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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