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Palamu : कुख्यात गैंगस्टर गौतम कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। यह झारखंड का पहला बड़ा गैंगस्टर है जिसने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। रविवार रात करीब 10:30 बजे डब्लू सिंह पलामू जिले के मेदिनीनगर टाउन थाना पहुंचा और एसपी रीष्मा रमेशन के समक्ष आत्मसमर्पण किया। डब्लू सिंह को आत्मसमर्पण के लिए प्ररित करनमे में पूर्व थानेदार देवव्रत पोद्दार की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि लगातार चल रहे अभियान और सरकार की योजनाओं ने उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
डब्लू सिंह ने कही दिल की बात
पुलिस के सामने आत्मसमर्पण के बाद डब्लू सिंह ने कहा कि वह अब सामान्य और सुकून की जिंदगी जीना चाहता है। उसने अपराध की राह पर भटके युवाओं से भी अपील की कि वे अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। डब्लू सिंह ने कहा कि वह सरकार और पुलिस की नीतियों से प्रभावित हुआ और इसलिए आत्मसमर्पण किया।
अपराध की दुनिया में लंबा सफर
गौतम कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह मूल रूप से पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के फुलांग गांव का रहने वाला है। वह 2006-07 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसका नेटवर्क पलामू समेत गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची और जमशेदपुर तक फैला हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक डब्लू सिंह पर कुल 37 मामले दर्ज हैं, जिनमें कई संगीन अपराध शामिल हैं। 2016 में पलामू कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन वह जमानत पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था।
इनाम और संगीन मामले
डब्लू सिंह पर 40 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जबकि झारखंड पुलिस ने उस पर 5 लाख रुपए का इनाम प्रस्तावित किया था। 3 जून 2020 को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र में कुख्यात गैंगस्टर कुणाल सिंह की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस की बड़ी सफलता
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि डब्लू सिंह का आत्मसमर्पण पलामू पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार अभियान चला रही है और जो भी लोग अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार और पुलिस सहयोग करेगी।

