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Patna : राजधानी पटना और उसके आसपास के इलाकों में अवैध रूप से पैकेज्ड पानी बेचने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ा एक्शन लिया है। बुधवार को संपतचक, गौरीचक और सोनागोपालपुर में छापेमारी कर बिना लाइसेंस चल रहीं 5 पानी पैकेजिंग इकाइयों को तुरंत प्रभाव से बंद करवा दिया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने इन सभी ठिकानों से कुल 15,340 लीटर पानी जब्त किया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 3 लाख 7 हजार रुपये से ज्यादा बताई गई है। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
महादेव इंटरप्राइजेज पर सबसे बड़ा एक्शन
टीम ने सोनागोपालपुर स्थित महादेव इंटरप्राइजेज पर छापा मारा तो वहां बिना किसी फूड लाइसेंस के धड़ल्ले से पानी की बॉटलिंग का काम चल रहा था। टीम ने वहां से अलग-अलग साइज की कुल 8,178 पानी की बोतलें बरामद कीं। इनमें एक लीटर की 5,364 बोतलें, आधा लीटर की 2,688 बोतलें और दो लीटर की 126 बोतलें शामिल थीं। यहां से कुल 6,960 लीटर पानी जब्त किया गया, जिसका मूल्य 1 लाख 28 हजार रुपये से अधिक है। अधिकारियों ने यूनिट को मौके पर ही सील कर दिया और पानी का लीगल सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेज दिया।

ब्रांडेड कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते लेबल का खेल
संपतचक स्थित प्रहिल प्लास्टिको प्राइवेट लिमिटेड में जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यहां नामी ब्रांड बिसलेरी से मिलते-जुलते नामों वाले लेबल लगाकर पानी पैक किया जा रहा था। फैक्ट्री से ‘बेसलारी’ (Beslari), ‘बिसलारी हर्बल वाटर’ (Bislari Herbal Water) और ‘बिसलफेरी’ (Bislferi) नाम के रैपर लगी बोतलें पकड़ी गईं। टीम ने यहां से करीब 33 हजार रुपये मूल्य का 1,656 लीटर पानी जब्त किया। इस फैक्ट्री के पास भी कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला।
हाथ से बोतलों में भरा जा रहा था पानी
संपतचक में ही अमित कुमार के ठिकाने पर जब टीम पहुंची तो वहां स्वच्छता के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। यहां मशीनों के बजाय बिना किसी हाइजीन के मैनुअल तरीके से यानी हाथों से बोतलों में पानी भरा जा रहा था। बोतलों पर सारण के पते वाला लेबल लगा हुआ था। टीम ने मौके से 95 हजार रुपये से अधिक कीमत का 4,190 लीटर पानी जब्त किया और यूनिट पर ताला लगवा दिया।

किराए के मकान और अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई
गौरीचक के रामनगर स्थित ‘त्रिवेणी नीर’ नाम के प्लांट में भी बिना लाइसेंस पानी बनाया जा रहा था। वहां से 1,694 लीटर पानी जब्त कर प्लांट का काम पूरी तरह रुकवा दिया गया और दो सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसके अलावा सोनागोपालपुर में अजय सिंह के मकान में अवैध रूप से चल रहे पैकेजिंग सेंटर पर छापा मारकर 840 लीटर पानी पकड़ा गया।
पानी खरीदते वक्त लाइसेंस नंबर जरूर जांचें
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना वैध फूड लाइसेंस के खाने-पीने की चीजों का कारोबार करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि बाजार से सीलबंद पानी की बोतल खरीदते समय उस पर निर्माता का पूरा नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और पैकेजिंग की तारीख जरूर देख लें। अगर बोतल या पानी की शुद्धता को लेकर कोई भी शक हो तो फौरन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराएं।
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