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News Samvad : देश में पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच सरकार ने 7 मई को कई राज्यों में मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण देना है।
मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों और छात्रों को हवाई हमले के दौरान कैसे सुरक्षित रहें, इसका अभ्यास कराया जाएगा। युद्ध या किसी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशिक्षण आवश्यक माना जाता है।
मॉक ड्रिल में इन बातों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा :
- हवाई हमले के सायरन की जांच और उसके प्रति जागरूकता
- हमले की स्थिति में लोगों को तुरंत अलर्ट करना
- हवाई हमले के दौरान ब्लैकआउट यानी लाइट बंद करने का अभ्यास
- संयंत्रों को ढंकने और दुश्मन के विमानों से बचाव के तरीके
- हमले के संभावित स्थानों को खाली कराने का रिहर्सल
महाराष्ट्र सिविल डिफेंस के निदेशक प्रभात कुमार ने बताया, “साल 2010 तक सिविल डिफेंस का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय वालंटियर्स को रिक्रूट करना होता था, लेकिन अब आपदा प्रबंधन को भी इसमें शामिल किया गया है। कल राज्य के तटीय इलाकों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।”
प्रभात कुमार ने आगे कहा, “विभिन्न एजेंसियां कलेक्टर के नेतृत्व में मॉक ड्रिल में हिस्सा लेंगी, ताकि तैयारियों में सुधार किया जा सके। हमें अपनी सेना और सरकार पर पूरा भरोसा है, और मानसिक रूप से तैयार रहना बहुत जरूरी है।”
वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें भारत की रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक को लगभग 40 मिनट तक चला।
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