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Ranchi : झारखंड पुलिस अब संगठित गुंडों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने जा रही है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को अभियान शाखा के पुलिस महानिरीक्षक (IG) डॉ. माईकलराज एस. की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें रांची, धनबाद, रामगढ़, पलामू, हजारीबाग और चतरा जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए।
संगठित अपराधियों की पहचान और कार्रवाई पर जोर
बैठक का उद्देश्य 20 अगस्त 2024 को हुई पिछली समीक्षा बैठक के निर्णयों की प्रगति की जांच करना और नई रणनीति तैयार करना था। आईजी अभियान ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अपराधी गिरोहों और उनके सरगनाओं की पहचान करें तथा साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जमानत पर बाहर चल रहे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए ताकि वे फिर से अपराध में शामिल न हों।
अवैध संपत्ति जब्ती और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश
डॉ. माईकलराज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठित अपराधियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति की जांच की जाए और उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की हर हाल में गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा जमानतदारों का सत्यापन भी किया जाए ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।
विशेष निगरानी टीम गठित करने पर सहमति
बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रत्येक जिले में एक विशेष निगरानी टीम बनाई जाएगी जो संगठित अपराध पर लगातार नजर रखेगी और नियमित रूप से पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट देगी। इस मौके पर आईजी अभियान डॉ. माईकलराज एस. और एटीएस रांची के एसपी रिषभ झा मुख्यालय से भौतिक रूप से उपस्थित थे, जबकि अन्य जिले के पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
राज्यव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए एकीकृत और समन्वित अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य संगठित आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है ताकि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
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