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Manipur : हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में लंबे राष्ट्रपति शासन के बाद आखिरकार नई सरकार बन गई है। मैतेई समुदाय से आने वाले युमनाम खेमचंद सिंह ने आज राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
भाजपा विधायक दल ने खेमचंद पर जताया भरोसा
मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें युमनाम खेमचंद सिंह को नेता चुना गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में उनके नाम पर अंतिम सहमति बनी। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी पर्यवेक्षक तरुण चुघ मौजूद थे। बैठक में कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन अंत में खेमचंद सिंह के नाम पर मुहर लगी।
बीरेन सिंह की पसंद को नहीं मिली मंजूरी
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की पसंद को इस बार तवज्जो नहीं दी गई। बीरेन सिंह मैतेई समुदाय के ही सात बार के विधायक गोविंद दास को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष के दौरान बीरेन सिंह ने कई बार केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन नहीं किया। हालांकि, उन्हें राज्यसभा भेजे जाने का आश्वासन दिया गया है।
कुकी समुदाय को साधने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार नई सरकार में सामाजिक संतुलन बनाने के लिए कुकी समुदाय को उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि दोनों समुदायों के बीच राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बने, ताकि हालात और न बिगड़ें।
नए मुख्यमंत्री के सामने बड़ी चुनौती
मणिपुर में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में खेमचंद सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जारी तनाव को कम करना है। पार्टी चाहती है कि चुनाव से पहले राज्य में शांति बहाल हो और जमीनी स्तर पर हालात सुधरें, ताकि चुनावी नुकसान से बचा जा सके।
राष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि
यहां याद दिला दें कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा को संभालने में विफल रहने के आरोपों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। अब नई सरकार के गठन के साथ राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद की जा रही है। मणिपुर विधानसभा का 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र 6 फरवरी से शुरू होने की संभावना है।
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